नाक के नीचे डिमना डैम, फिर 13 किमी दूर की दौड़
सौरभ विष्णु ने तकनीकी और भौगोलिक तथ्यों को सामने रखते हुए सवाल किया कि जब डिमना डैम का पानी पाइपलाइनों के जरिए मानगो के बीचों-बीच से गुजरकर जमशेदपुर पूर्वी तक जा सकता है, तो मानगो की बस्तियां प्यासी क्यों हैं? उन्होंने कहा, "डोबो स्थित सतनाला डैम मानगो से 13 किलोमीटर दूर है। जो पानी हमारे घर के सामने से गुजर रहा है, वह हमें नहीं मिलता। क्या चाचा जी का सामान्य ज्ञान धुंधला गया है या यह सिर्फ चुनावी तिकड़म है।
पूर्वी के विकास मॉडल पर उठाए सवाल
सौरभ ने चाचा जी के पिछले कार्यकाल पर निशाना साधते हुए कहा कि जमशेदपुर पूर्वी की जनता आज भी मोहरदा योजना के दुर्गंधयुक्त और अनियमित पानी को झेलने पर मजबूर है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्वी क्षेत्र की विफलता को छिपाने के लिए ही चाचा जी ने क्षेत्र बदला है।
गंदगी और कचरे के अंबार पर घेरा
पानी के साथ-साथ मानगो की साफ-सफाई पर भी हमला बोला गया। सौरभ ने पूछा कि स्वच्छ मानगो का दावा करने वाले नेता बताएं कि आज भी हर गली-मोहल्ले और मैदान में कचरे का ढेर क्यों लगा है? उन्होंने इसे केवल एक ढकोसला बताया।
जनता की लड़ाई जारी रहेगी भावुक अपील
सौरभ विष्णु ने भावुक अपील करते हुए कहा कि पिछले तीन वर्षों से वे अकेले मानगो की जनता के हक के लिए लड़ रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि गर्मियों में फिर से टैंकर माफिया सक्रिय होंगे और नेता जलपुरुष बनने का ढोंग करेंगे, लेकिन वे डिमना डैम से सीधे जलापूर्ति की मांग से पीछे नहीं हटेंगे।