Jharkhand News: क्रिसमस की खुशियों के बीच झारखंड सरकार ने राज्य की महिलाओं को राहत और सम्मान का संदेश दिया है. रांची जिले में मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के तहत हजारों नहीं बल्कि लाखों महिलाओं के खातों में सीधे सम्मान राशि पहुंची है. त्योहार के मौके पर हुए इस भुगतान ने महिलाओं के बीच योजना को लेकर भरोसा और उम्मीद दोनों को मजबूत किया है.
नवंबर माह की सम्मान राशि ट्रांसफर
मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के अंतर्गत रांची जिले की महिलाओं के बैंक खातों में नवंबर माह की सम्मान राशि ट्रांसफर कर दी गई है. रांची के उपायुक्त ने ट्वीट के माध्यम से इस भुगतान की पूरी जानकारी साझा की है. जानकारी के अनुसार जिले की कुल 3,93,084 महिलाओं को डीबीटी के जरिए राशि भेजी गई है. प्रति लाभुक 2500 रुपये की दर से कुल 98 करोड़ 27 लाख 10 हजार रुपये का भुगतान किया गया है.
बड़ी संख्या में महिलाओं को योजना का लाभ मिल रहा
उपायुक्त द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के मुताबिक रांची जिले के शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में बड़ी संख्या में महिलाओं को योजना का लाभ मिला है. शहरी क्षेत्र में 25,038 महिलाओं के खातों में राशि भेजी गई है. वहीं कांके प्रखंड में 31,781, मांडर में 23,308 और सिल्ली में 21,390 महिलाओं को सम्मान राशि मिली है.
इसके अलावा बेड़ो में 20,761, चान्हो में 19,851, रातू में 18,790, ओरमांझी में 18,342 और तमाड़ में 18,758 महिलाओं के खाते में 2500 रुपये की राशि ट्रांसफर की गई है. बुढ़मू में 18,152, नगड़ी में 18,084, नामकुम में 18,053, अनगड़ा में 16,935 और हेहल क्षेत्र की 15,537 महिलाओं को भी योजना का लाभ मिला है.
साथ ही सोनाहातू, अरगोड़ा, लापुंग, ईटकी, बड़गाईं, खलारी, राहे और बुण्डू के शहरी और ग्रामीण इलाकों की हजारों महिलाओं के खातों में भी सम्मान राशि भेजी गई है. क्रिसमस के अवसर पर किया गया यह भुगतान सरकार की ओर से महिलाओं के लिए विशेष उपहार के रूप में देखा जा रहा है.
अधिकारियों का कहना है कि मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है. इस योजना के जरिए न केवल उनकी बुनियादी जरूरतों में सहयोग मिल रहा है बल्कि आत्मनिर्भरता और सामाजिक सुरक्षा की भावना को भी मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है.
सीधे खातों में राशि पहुंचने से पारदर्शिता बनी
मंईयां सम्मान योजना के तहत बड़े पैमाने पर किया गया यह भुगतान सरकार की सामाजिक कल्याण नीतियों की दिशा को दर्शाता है. सीधे खातों में राशि पहुंचने से पारदर्शिता बनी है और लाभुकों तक मदद समय पर पहुंची है. त्योहार के मौके पर यह पहल महिलाओं के बीच भरोसा बढ़ाने वाली साबित हो सकती है. हालांकि लंबे समय में योजना का असर महिलाओं की वास्तविक आर्थिक स्थिति पर कितना पड़ता है, यह उसके निरंतर क्रियान्वयन और निगरानी पर निर्भर करेगा.