Jharkhand News: कोयला कारोबार से जुड़े पैसों के लेनदेन और दस्तावेजों की परतें अब जांच एजेंसी के सामने खुलने लगी हैं. धनबाद के चर्चित कोयला व्यापारी अनिल गोयल को लेकर प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई एक बार फिर सुर्खियों में है. समन मिलने के बावजूद ED के सामने पेश न होने के बाद गोयल ने अब एजेंसी से अतिरिक्त समय की मांग की है, जिसे फिलहाल स्वीकार कर लिया गया है.
पूछताछ के लिए किया गया था समन जारी
धनबाद के कोयला व्यापारी अनिल गोयल ने प्रवर्तन निदेशालय के समक्ष हाजिर होने के लिए एक सप्ताह का समय मांगा है. अनिल गोयल के आवेदन पर ED ने उन्हें पूछताछ के लिए एक सप्ताह की अतिरिक्त मोहलत दे दी है. ED ने छापामारी के दौरान मिले दस्तावेजों और अन्य तथ्यों की जांच के बाद अनिल गोयल को पूछताछ के लिए समन जारी किया था.
तय तिथि पर गोयल ED के सामने पेश नहीं हुए
जानकारी के अनुसार ED ने अनिल गोयल को 23 दिसंबर 2025 को दिन के 11 बजे तक रांची स्थित जोनल कार्यालय में उपस्थित होने का निर्देश दिया था. तय तिथि पर गोयल ED के सामने पेश नहीं हुए. इसके बाद उन्होंने एजेंसी से पूछताछ के लिए एक सप्ताह का अतिरिक्त समय देने का अनुरोध किया, जिसे ED ने स्वीकार कर लिया.
एक साथ कई कोयला व्यापारियों के ठिकानों पर हुई थी छापामारी
गौरतलब है कि 21 नवंबर को ED झारखंड और ED कोलकाता की टीमों ने एक साथ कई कोयला व्यापारियों के ठिकानों पर छापामारी की थी. रांची स्थित ED के जोनल कार्यालय के नेतृत्व में इस कार्रवाई में अनिल गोयल, लाल बहादुर सिंह, दुमका के अमर मुंडा समेत अन्य कोयला कारोबारियों को जांच के दायरे में लिया गया था.
करोड़ों की नकदी हुई थी जब्त
छापामारी के दौरान कुल 2.20 करोड़ रुपये नकद जब्त किए गए थे. इसमें अनिल गोयल के सहयोगी गणेश अग्रवाल के ठिकाने से 94 लाख रुपये और हेमंत गुप्ता के ठिकाने से 20 लाख रुपये बरामद किए गए थे. वहीं अमर मुंडा के घर से 150 से अधिक जमीन के गिफ्ट डीड और करीब 80 लाख रुपये नकद जब्त किए गए थे.
ED ने छापामारी के दौरान सामने आए तथ्यों और दस्तावेजों की समीक्षा के बाद अनिल गोयल को नोटिस समन जारी किया था. बताया जाता है कि अनिल गोयल का कारोबारी संबंध पश्चिम बंगाल के कोयला व्यापारी अनुप माझी उर्फ लाला से है. ED कोलकाता पहले ही लाला समेत अन्य के खिलाफ ईसीएल के लीज क्षेत्र में अवैध खनन के मामले में आरोप पत्र दाखिल कर चुकी है.
बड़े नाम सामने आने की संभावना
अनिल गोयल को मिली अतिरिक्त मोहलत से यह साफ है कि ED इस मामले में ठोस दस्तावेजी और वित्तीय सबूतों के आधार पर आगे बढ़ रही है. छापामारी में मिली भारी नकदी और जमीन से जुड़े कागजात कोयला कारोबार में अवैध लेनदेन की ओर इशारा करते हैं. लाला से बताए जा रहे कारोबारी संबंध इस जांच को और गंभीर बना देते हैं. आने वाले दिनों में पूछताछ शुरू होने के बाद इस नेटवर्क से जुड़े और बड़े नाम सामने आने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता.