Dhanbad News: झरिया की आग और विस्थापन की त्रासदी झेल रहे हजारों परिवारों के लिए राहत की एक नई उम्मीद सामने आई है. वर्षों से अस्थिर जिंदगी जी रहे विस्थापितों को अब स्थायी ठिकाने की दिशा में ठोस पहल होती दिख रही है. केंद्रीय कोयला-खनन मंत्री जी. किशन रेड्डी ने झरिया के प्रभावित लोगों को भरोसा दिलाया है कि उनके पुनर्वास को लेकर केंद्र सरकार गंभीर है और इस दिशा में जमीन पर काम तेज किया जा रहा है.
बेलगरिया टाउनशिप में पट्टे के आधार पर फ्लैट उपलब्ध कराए जाएंगे
बुधवार को झारखंड के धनबाद जिले में स्थित बेलगरिया टाउनशिप में आयोजित कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी ने कहा कि झरिया कोलफील्ड में लगी आग के कारण विस्थापित हुए परिवारों को बेलगरिया टाउनशिप में पट्टे के आधार पर फ्लैट उपलब्ध कराए जाएंगे. उन्होंने स्पष्ट किया कि इन फ्लैटों में विस्थापित परिवारों की कई पीढ़ियां रह सकती हैं लेकिन इन मकानों को बेचा नहीं जा सकेगा.
कार्यक्रम के दौरान रेड्डी ने बेलगरिया टाउनशिप में तैयार की गई कई विकास परियोजनाओं का उद्धाटन भी किया. यह टाउनशिप झरिया पुनर्वास विकास प्राधिकरण द्वारा विकसित की गई है. इसका उद्देश्य कोयला खदान में लगी आग से प्रभावित परिवारों और भूस्खलन की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थान पर बसाना है.
लोगों को सुरक्षित क्षेत्रों में पुनर्वासित करने के लिए सरकारें प्रतिबद्ध
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार दोनों ही खतरनाक इलाकों में रह रहे लोगों को सुरक्षित क्षेत्रों में पुनर्वासित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं. उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन बीसीसीएल और झरिया पुनर्वास विकास प्राधिकरण लगातार मिलकर विस्थापितों के हित में काम कर रहे हैं ताकि उन्हें सुरक्षित आवास और बेहतर सुविधाएं मिल सकें.
रेड्डी ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी स्वयं झरिया कोलफील्ड में आग से प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति की नियमित समीक्षा करते हैं. उन्होंने बताया कि इस गंभीर समस्या पर हर महीने स्तर पर निगरानी रखी जा रही है ताकि पुनर्वास और सुरक्षा से जुड़े कार्यों में कोई ढिलाई न हो.
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बेलगरिया टाउनशिप का मूल उद्देश्य केवल लोगों को मकान देना नहीं बल्कि उन्हें सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना और उनके जीवन स्तर में सुधार लाना है. इसी सोच के तहत झरिया मास्टर प्लान तैयार किया गया है ताकि भविष्य में विस्थापन की समस्या को स्थायी समाधान मिल सके.
झरिया के लिए एक निर्णायक मोड़ साबित हो सकता है
झरिया कोलफील्ड की आग देश की सबसे पुरानी और गंभीर औद्योगिक समस्याओं में से एक रही है. पुनर्वास योजनाएं वर्षों से कागजों में अटकी रही हैं जिससे विस्थापितों में असंतोष बना रहा. बेलगरिया टाउनशिप में पट्टे पर फ्लैट देने की घोषणा सरकार की मंशा को दिखाती है लेकिन इसकी सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि कितनी तेजी और पारदर्शिता से विस्थापित परिवारों को वास्तव में आवास मिलता है. यदि योजनाएं समयबद्ध तरीके से लागू होती हैं तो यह झरिया के लिए एक निर्णायक मोड़ साबित हो सकता है.