क्या है पूरा मामला
बाँकुड़ा जिला अंतर्गत सारंगा थाना के बासकोचा निवासी सुशांत महाली पिछले 5 वर्षों से अपनी बुआ पटमदा के यहाँ रहकर रोजी-रोटी कमा रहा है। वह प्राइम राज, सिद्धू कॉम्प्लेक्स जैसे अपार्टमेंट्स में गाड़ियां धोने और टाटा स्टील में जनरल शिफ्ट में मजदूरी का काम करता है। काम की व्यस्तता के कारण वह पिछले 4 महीनों से मानगो के पटेल पथ स्थित मधुसूदन निवास में अपने साथियों के साथ रह रहा है।
पुलिस पर मारपीट और फोन जब्ती का आरोप
सुशांत के अनुसार, 20 जनवरी को उलीडीह थाना से उसे फोन आया और मून सिटी गेट के पास उससे पूछताछ की गई। इसके बाद 30 जनवरी को उसे पुनः थाने बुलाया गया। पीड़ित का आरोप है कि पूछताछ के दौरान पुलिस ने उसके साथ बेरहमी से मारपीट की और उसका मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया। देर रात 12 बजे उसे थाने से छोड़ा गया, जिसके बाद शारीरिक चोटों के कारण उसने 31 जनवरी को पटमदा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में अपना इलाज कराया।
प्रशासन से सुरक्षा की अपील
पीड़ित सुशांत महाली ने स्पष्ट किया है कि वह एक सीधा-साधा मजदूर है और नियमित ड्यूटी करता है। उसने कहा, मेरा इस मामले या किसी भी संदिग्ध गतिविधि से कोई संबंध नहीं है। प्रशासन द्वारा मुझे बिना वजह प्रताड़ित किया जा रहा है, जिससे मैं मानसिक और शारीरिक रूप से टूट चुका हूँ। सुशांत ने उच्चाधिकारियों से निवेदन किया है कि उन्हें बेवजह परेशान न किया जाए और एक निर्दोष नागरिक के रूप में उन्हें गरिमा के साथ जीने का अवसर दिया जाए।