Jharkhand News: रामगढ़ में अवैध कोयला कारोबार के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई एक बार फिर सुर्खियों में है. गुप्त सूचना के आधार पर की गई छापेमारी में बड़े पैमाने पर चोरी का कोयला पकड़े जाने से कोयला तस्करी के नेटवर्क की परतें खुलती नजर आ रही हैं. पुलिस की इस कार्रवाई से अवैध कारोबारियों में हड़कंप मच गया है.
70 टन अवैध कोयला जब्त
रामगढ़ पुलिस ने छापेमारी कर करीब 70 टन अवैध कोयला जब्त किया है. बुधवार देर शाम पुलिस अधीक्षक अजय कुमार को गुप्त सूचना मिली थी कि रामगढ़ थाना क्षेत्र के महुआटांड़ हेसला स्थित शालू उर्फ सलमान खान के गोल भट्ठा कैंपस में चोरी के कोयले का भंडारण किया गया है. सूचना के अनुसार कुछ कोयला कारोबारी इस कोयले को ऊंचे दामों पर बेचने की तैयारी में थे.
सूचना के सत्यापन और कार्रवाई के लिए रामगढ़ एसडीपीओ परमेश्वर प्रसाद और थाना प्रभारी नवीन प्रकाश पाण्डेय के नेतृत्व में अलग अलग टीमों का गठन किया गया. पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गोल भट्ठा कैंपस में छापेमारी की. मौके पर करीब 70 टन अवैध कोयला भंडारित पाया गया.
पुलिस ने जमा कोयले के मालिक के संबंध में की पूछताछ
पुलिस ने जब मौके पर जमा कोयले के मालिक के संबंध में पूछताछ की तो कोई भी सामने नहीं आया. इसके बाद पुलिस ने पूरे कोयले को जब्त कर लिया. जांच और पूछताछ के दौरान यह बात सामने आई कि अनूप पाठक ने अपने सहयोगी शालू उर्फ सलमान खान, अमन खान और संजर खान के साथ मिलकर चोरी छिपे इस कोयले का भंडारण किया था.
अवैध कोयला कारोबार किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं
पुलिस अवैध कोयला भंडारण के आरोप में चारों के खिलाफ रामगढ़ थाने में प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया में जुटी हुई है. पुलिस अधीक्षक अजय कुमार ने स्पष्ट कहा है कि अवैध कोयला कारोबार किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इस तरह की गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी.
कोयला तस्करी का नेटवर्क अब भी सक्रिय
रामगढ़ में बड़ी मात्रा में अवैध कोयले की बरामदगी यह दर्शाती है कि क्षेत्र में कोयला तस्करी का नेटवर्क अब भी सक्रिय है. गुप्त सूचना के आधार पर की गई यह कार्रवाई पुलिस की सतर्कता को दिखाती है लेकिन साथ ही यह सवाल भी खड़े करती है कि इतनी बड़ी मात्रा में कोयला भंडारण कैसे हो गया. यदि इस मामले में आरोपियों तक सख्ती से कार्रवाई होती है तो यह अवैध कोयला कारोबार के खिलाफ एक मजबूत संदेश होगा. लगातार हो रही ऐसी कार्रवाइयों से ही इस संगठित अवैध धंधे पर प्रभावी रोक संभव है.