BREAKING: झारखंड के हजारों युवाओं के लिए नए साल से पहले बड़ी खुशखबरी सामने आई है. झारखंड सामान्य स्नातक योग्यताधारी संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा-2023 (CGL) में सफल अभ्यर्थियों को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन नियुक्ति पत्र सौंपेंगे. लंबे विवाद और न्यायिक प्रक्रिया के बाद अब सरकार ने नियुक्ति प्रक्रिया को अंतिम रूप दे दिया है.
मोरहाबादी मैदान में होगा नियुक्ति पत्र वितरण
सरकार की ओर से तय कार्यक्रम के अनुसार 30 दिसंबर को दोपहर दो बजे मोरहाबादी मैदान में नियुक्ति पत्र वितरण समारोह आयोजित किया जाएगा. मुख्यमंत्री सचिवालय ने कैबिनेट और जिला प्रशासन को आयोजन की तैयारियां शुरू करने का निर्देश दे दिया है. सीजीएल-2023 परीक्षा को लेकर राज्य में लंबे समय तक विवाद चला. यह मामला अंततः झारखंड हाईकोर्ट तक पहुंचा. हाईकोर्ट ने लंबी सुनवाई के बाद 3 दिसंबर 2025 को झारखंड कर्मचारी चयन आयोग को परीक्षा परिणाम जारी करने का आदेश दिया था.
जेएसएससी ने जारी किया परिणाम
हाईकोर्ट के आदेश के बाद 8 दिसंबर को जेएसएससी ने नेपाल गए 10 अभ्यर्थियों को छोड़कर अन्य सभी सफल अभ्यर्थियों का परिणाम जारी कर दिया. इसके साथ ही नियुक्ति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हो गया. रिजल्ट जारी होने के बाद पिछले एक सप्ताह से विभिन्न विभागों द्वारा सफल अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्रों की जांच प्रक्रिया शुरू की गई. सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद मुख्यमंत्री की सहमति से नियुक्ति पत्र वितरण की तिथि तय की गई.
किन पदों पर होगी नियुक्ति
सीजीएल 2023 के माध्यम से 847 सहायक सचिवालय पदाधिकारी, 293 कनीय सचिवालय सहायक, 170 श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, 4 प्लानिंग असिस्टेंट, 191 प्रखंड कल्याण पदाधिकारी, 249 प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी और 178 अंचल निरीक्षक पदों पर अभ्यर्थी सफल हुए हैं.
सुप्रीम कोर्ट से पहले प्रक्रिया पूरी करने की कोशिश
सूत्रों का कहना है कि सरकार सुप्रीम कोर्ट द्वारा किसी तरह के हस्तक्षेप से पहले नियुक्ति पत्र सौंपकर सीजीएल परीक्षा से जुड़े विवाद को समाप्त करना चाहती है. कुछ अभ्यर्थियों ने सुप्रीम कोर्ट में इस मामले को लेकर कैविएट दायर की है, हालांकि अभी तक इस पर कोई निर्णय नहीं आया है.
हजारों युवाओं को रोजगार मिलेगा
सीजीएल-2023 परीक्षा झारखंड की सबसे विवादित परीक्षाओं में रही है. हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद अब नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी होना सरकार और अभ्यर्थियों दोनों के लिए अहम माना जा रहा है. नियुक्ति पत्र वितरण से जहां हजारों युवाओं को रोजगार मिलेगा, वहीं सरकार के लिए भी यह मामला प्रशासनिक और राजनीतिक रूप से खत्म करने का अवसर है. अब सबकी नजर इस पर है कि सुप्रीम कोर्ट में लंबित कैविएट का आगे क्या असर पड़ता है.