International News: बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी की अध्यक्ष खालिदा जिया का निधन हो गया है. उन्होंने 80 वर्ष की आयु में अंतिम सांस ली. वह लंबे समय से अस्वस्थ थीं और अस्पताल में इलाज चल रहा था. उनके निधन की जानकारी बीएनपी मीडिया सेल की ओर से आधिकारिक फेसबुक पेज के माध्यम से साझा की गई.
कई गंभीर बीमारियों से जूझ रही थीं
खालिदा जिया पिछले कई वर्षों से सीने के संक्रमण, लिवर और किडनी की बीमारी, डायबिटीज, गठिया और आंखों से जुड़ी समस्याओं से जूझ रही थीं. उनकी तबीयत लगातार नाजुक बनी हुई थी. परिवार के सदस्यों और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने उनके निधन की पुष्टि की है.
दो बार संभाली बांग्लादेश की सत्ता
खालिदा जिया बांग्लादेश की दो बार प्रधानमंत्री रहीं. उन्होंने पहली बार 1991 से 1996 तक और दूसरी बार 2001 से 2006 के बीच देश का नेतृत्व किया. वह बांग्लादेश के पूर्व राष्ट्रपति जिया उर रहमान की पत्नी थीं. बांग्लादेश की राजनीति में उनका नाम सबसे प्रभावशाली नेताओं में गिना जाता रहा है.
परिवार और राजनीतिक जीवन
खालिदा जिया के बड़े बेटे और बीएनपी के कार्यकारी अध्यक्ष तारीक रहमान वर्ष 2008 से लंदन में रह रहे थे और हाल ही में बांग्लादेश लौटे हैं. उनके छोटे बेटे अराफात रहमान का 2025 में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया था. उनके पारिवारिक जीवन पर भी राजनीति और कानूनी मामलों का गहरा असर पड़ा.
भ्रष्टाचार केस और सजा
8 फरवरी 2018 को ढाका की एक विशेष अदालत ने जिया अनाथालय ट्रस्ट मामले में खालिदा जिया को सरकारी धन के गबन का दोषी ठहराते हुए 5 साल की सजा सुनाई थी. इस मामले में उनके बेटे तारीक रहमान समेत अन्य आरोपियों को 10 साल के कठोर कारावास और 2.1 करोड़ बांग्लादेशी टका जुर्माने की सजा दी गई थी. बाद में हाईकोर्ट ने उनकी सजा बढ़ाकर 10 साल कर दी थी.
लंबी कानूनी लड़ाई और रिहाई
खालिदा जिया ने सजा के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में लीव टू अपील दायर की थी, लेकिन कानूनी प्रक्रिया के चलते मामला वर्षों तक लंबित रहा. शेख हसीना के देश छोड़ने के एक दिन बाद 6 अगस्त 2024 को खालिदा जिया को रिहा किया गया. इसके बाद वह बेहतर इलाज के लिए लंदन गई थीं और करीब चार महीने बाद 6 मई को बांग्लादेश लौटीं.