Jharkhand Politics: भाजपा प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष और सांसद आदित्य साहू ने जी राम जी योजना को लेकर कांग्रेस पर दुष्प्रचार फैलाने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सोच हमेशा से गांव गरीब और किसान विरोधी रही है और इसी मानसिकता के कारण वह इस योजना का विरोध कर रही है.
मनरेगा में लंबे समय से फर्जीवाड़ा और भ्रष्टाचार
आदित्य साहू ने कहा कि मनरेगा में लंबे समय से फर्जीवाड़ा और भ्रष्टाचार हावी रहा है. सुधार के कई प्रयास हुए लेकिन जमीनी स्तर पर अपेक्षित बदलाव नहीं आ सका. इसी स्थिति को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को ध्यान में रखकर विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण को लागू करने का निर्णय लिया जिसे जी राम जी योजना कहा जा रहा है.
मनरेगा भ्रष्टाचार और लूट का अड्डा बन चुका था: आदित्य साहू
उन्होंने कहा कि मनरेगा भ्रष्टाचार और लूट का अड्डा बन चुका था. झारखंड समेत कई राज्यों में बड़े घोटाले सामने आए. खूंटी जिले में 24 करोड़ रुपये के गबन के मामले में एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी को जेल जाना पड़ा. आदित्य साहू ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में मनरेगा में 193.67 करोड़ रुपये के गबन का मामला दर्ज हुआ. वहीं वित्तीय वर्ष 2025-26 में 23 राज्यों में कागजों पर ऐसे कार्य दिखाए गए जिनका वास्तविक अस्तित्व नहीं था.
उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के बाद केवल 7.61 प्रतिशत परिवार ही 100 दिन का रोजगार पूरा कर पाए. ई-भुगतान व्यवस्था के बावजूद डिजिटल उपस्थिति और कार्य निष्पादन में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं. इन्हीं कारणों से नए अधिनियम की जरूरत महसूस की गई. आदित्य साहू ने बताया कि नया अधिनियम पुराने मनरेगा का विस्तारित और विकसित रूप है. इसके तहत ग्रामीण श्रमिकों को अब 100 के बजाय 125 दिन के कार्य दिवस की गारंटी दी गई है.
उन्होंने कहा कि योजना में जल संरक्षण ग्रामीण बुनियादी ढांचे के विकास रोजगार सृजन से जुड़े कार्य भंडारण संरचना और पर्यावरणीय प्रभाव को कम करने वाले निर्माण कार्यों पर विशेष जोर दिया गया है. योजना में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए एआई आधारित धोखाधड़ी पहचान प्रणाली केंद्र और राज्य स्तर की निगरानी समितियां जीपीएस आधारित निगरानी साप्ताहिक सार्वजनिक प्रकटीकरण और प्रत्येक पंचायत में साल में दो बार सोशल ऑडिट का प्रावधान किया गया है.
आदित्य साहू ने कहा कि कृषि कार्यों को ध्यान में रखते हुए वर्ष में 60 दिन की नो वर्क अवधि तय की गई है ताकि मजदूरों को खेती के समय बेहतर मजदूरी मिल सके और किसानों को समय पर श्रमिक उपलब्ध हों. उन्होंने बताया कि शेष अवधि में 125 दिन के रोजगार की गारंटी दी जाएगी और काम नहीं मिलने की स्थिति में बेरोजगारी भत्ता भी दिया जाएगा. योजना में केंद्र और राज्य सरकार के बीच वित्तीय हिस्सेदारी 60-40 रखी गई है.
जी राम जी योजना की विशेषताओं को जनता तक पहुंचाएंगे
साहू ने आरोप लगाया कि कांग्रेस को भ्रष्टाचार रुकने मजदूरों को अधिक रोजगार मिलने और योजना के नाम में राम शब्द होने से आपत्ति है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस की नीति और नीयत के कारण ही वह सत्ता से बाहर है. उन्होंने जानकारी दी कि भाजपा कार्यकर्ता 8 से 10 जनवरी तक सभी मंडलों में सभाएं और गोष्ठियां आयोजित कर जी राम जी योजना की विशेषताओं को जनता तक पहुंचाएंगे और कांग्रेस के दुष्प्रचार के खिलाफ लोगों को जागरूक करेंगे. इस दौरान मीडिया प्रभारी शिवपूजन पाठक प्रदेश प्रवक्ता प्रदीप सिन्हा और रमाकांत महतो भी मौजूद थे.
जी राम जी योजना को लेकर सियासी टकराव तेज
जी राम जी योजना को लेकर सियासी टकराव तेज हो गया है. भाजपा इसे मनरेगा के विकल्प के रूप में सुधारात्मक कदम बता रही है जबकि कांग्रेस इसका विरोध कर रही है. योजना में रोजगार के दिनों की बढ़ोतरी और निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने के दावे किए जा रहे हैं. आने वाले दिनों में यह मुद्दा ग्रामीण राजनीति और जनमत पर असर डाल सकता है.