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  • 2026-01-03

Jharkhand News: झारखंड के मेधावी छात्रों के लिए रांची में शुरू हुआ दिशोम गुरु शिबू सोरेन JEE और NEET कोचिंग संस्थान

Jharkhand News: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पहल पर रांची के हिंदपीढ़ी इलाके में दिशोम गुरु शिबू सोरेन इंजीनियरिंग और मेडिकल कोचिंग संस्थान की शुरुआत की गई है. इस संस्थान का उद्देश्य झारखंड के मेधावी छात्र छात्राओं को जेईई और नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अपने राज्य में ही बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें बाहर के शहरों पर निर्भर न रहना पड़े.

कोचिंग पूरी तरह निःशुल्क है
यह कोचिंग पूरी तरह निःशुल्क है, जहां पढ़ाई के साथ साथ रहने और खाने की सुविधा भी दी जा रही है. खास तौर पर अनुसूचित जनजाति और अनुसूचित जाति वर्ग के छात्रों को ध्यान में रखकर यह व्यवस्था की गई है, जिससे आर्थिक कारणों से प्रतिभा पीछे न छूटे.

संस्थान में छात्र और छात्राओं के लिए अलग-अलग हॉस्टल की व्यवस्था
उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी रांची मंजूनाथ भजन्त्री ने 03 जनवरी 2026 को संस्थान का दौरा किया. उन्होंने कक्षाओं का निरीक्षण किया और वहां अध्ययनरत छात्र छात्राओं से संवाद किया. छात्रों ने बताया कि इस पहल से उनमें आत्मविश्वास बढ़ा है और अब इंजीनियर व डॉक्टर बनने का सपना अपने ही राज्य में साकार होता दिख रहा है. संस्थान में छात्र और छात्राओं के लिए अलग-अलग हॉस्टल की व्यवस्था है. इसके साथ ही स्टडी हॉल, लाइब्रेरी और मेस की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है. निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने सभी व्यवस्थाओं का जायजा लिया और अधिकारियों को निर्देश दिया कि छात्रों को किसी भी स्तर पर असुविधा न हो.

पहले चरण में इस कोचिंग संस्थान के लिए 300 से अधिक छात्र-छात्राओं का चयन किया गया है. इन सभी को मुफ्त कोचिंग के साथ आवास, भोजन और अन्य आवश्यक सुविधाओं का लाभ दिया जा रहा है. यह पहल राज्य में शिक्षा के क्षेत्र में एक नई दिशा के रूप में देखी जा रही है.

शैक्षणिक न्याय की दिशा में ठोस कदम
यह पहल झारखंड के लिए केवल एक कोचिंग सेंटर की शुरुआत नहीं है, बल्कि यह सामाजिक समानता और शैक्षणिक न्याय की दिशा में एक ठोस कदम है. राज्य के प्रतिभाशाली लेकिन संसाधनों से वंचित छात्रों को यदि अपने ही शहर में गुणवत्तापूर्ण तैयारी का अवसर मिलता है, तो इसका असर लंबे समय में राज्य की शैक्षणिक और पेशेवर पहचान पर पड़ेगा. यह मॉडल आगे चलकर अन्य जिलों के लिए भी उदाहरण बन सकता है.
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