Seraikela News: सरायकेला-खरसावां जिले की स्वास्थ्य सेवाओं में एक बड़ा बदलाव आने जा रहा है. जिला प्रशासन द्वारा सदर अस्पताल परिसर स्थित ब्लड बैंक को हाई-टेक बनाने की कवायद तेज कर दी गई है. प्रस्तावित योजना के तहत जल्द ही यहां पेक्टसेल, प्लाज्मा और प्लेटलेट की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी.
मरीजों को मिलेगा लाभ
इस पहल का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि अब गंभीर मरीजों को इलाज के लिए जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल या अन्य बड़े शहरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे. सिविल सर्जन डॉ सरयू प्रसाद सिंह ने बताया कि 2026 में स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करना प्रशासन की प्राथमिकता है.
थैलेसीमिया मरीजों को राहत
वर्तमान में जिले के करीब 12 थैलेसीमिया मरीजों को हर महीने पेक्टसेल के लिए एमजीएम जमशेदपुर पर निर्भर रहना पड़ता है. इसके अलावा, बरसात के दिनों में डेंगू के बढ़ते मामलों के दौरान प्लेटलेट्स की कमी एक बड़ी चुनौती बन जाती है, जिससे कई बार मरीजों की जान पर बन आती है.
आधुनिक मशीनों से मिलेगा लाभ
हॉस्पिटल में बर्निंग यूनिट होने के बावजूद प्लाज्मा की सुविधा न होने से जले हुए मरीजों को रेफर करना पड़ता है. डॉ सिंह के अनुसार, आधुनिक मशीनों के आने से न केवल समय पर इलाज मिलेगा, बल्कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को निजी अस्पतालों के भारी खर्च से भी राहत मिलेगी.
स्वास्थ्य सेवाओं में आत्मनिर्भरता
जिले में ही इन सुविधाओं के उपलब्ध होने से स्वास्थ्य सेवाओं में आत्मनिर्भरता आएगी और आपातकालीन स्थितियों में मृत्यु दर में भी कमी आएगी.