Simdega: आम नागरिकों को शीघ्र, सरल और निःशुल्क न्याय उपलब्ध कराने की दिशा में न्याय प्रशासन की कोशिश अब स्पष्ट रूप से प्रभावी सिद्ध हो रही हैं। राष्ट्रीय लोक अदालत, लोक अदालत, विशेष लोक अदालत तथा स्थायी लोक अदालत के माध्यम से वर्षों से लंबित हजारों मामलों का सौहार्दपूर्ण समाधान किया जा रहा है, जिससे लोगों को बड़ी राहत मिल रही है।
सिमडेगा जिले में कुल चार राष्ट्रीय लोक अदालतों का आयोजन
वर्ष 2025 के दौरान सिमडेगा जिले में कुल चार राष्ट्रीय लोक अदालतों का आयोजन किया गया। इन अदालतों में निष्पादन हेतु कुल 97,142 मामले सूचीबद्ध किए गए थे, जिनमें से 97,012 मामलों का आपसी सहमति के आधार पर सफलतापूर्वक निपटारा किया गया। इन मामलों में कुल 6 करोड़ 46 लाख 31 हजार 876 रुपये की राशि पर समझौता हुआ, जो लोक अदालत की कार्यकुशलता और उपयोगिता को दर्शाता है।
निष्पादित मामलों में अधिकांश, यानी 96,347 मामले प्री-लिटिगेशन स्तर के थे, जबकि विभिन्न न्यायालयों में लंबित 663 मामलों का भी समाधान लोक अदालत के माध्यम से किया गया। लोक अदालत की इस प्रक्रिया से लोगों को बार-बार अदालतों और कार्यालयों के चक्कर लगाने से मुक्ति मिली, जिससे समय के साथ-साथ आर्थिक संसाधनों की भी बचत हुई।
झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार के दिशा-निर्देशों के तहत जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा अध्यक्ष सह प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार सिन्हा के नेतृत्व में राष्ट्रीय लोक अदालतों का सफल आयोजन किया गया। वर्ष 2025 में 8 मार्च, 10 मई, 13 सितंबर तथा 13 दिसंबर को राष्ट्रीय लोक अदालतें आयोजित की गई थीं।
आपसी सहयोग से पैमाने पर मामलों का निष्पादन संभव
इस अवसर पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार सिन्हा ने कहा कि विभिन्न विभागों के आपसी सहयोग से ही इतने बड़े पैमाने पर मामलों का निष्पादन संभव हो सका। उन्होंने न्यायिक अधिकारियों, प्रशासनिक पदाधिकारियों और पुलिस विभाग की भूमिका की सराहना करते हुए उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत आम जनता के लिए न्याय प्राप्त करने का सबसे सहज, त्वरित और प्रभावी मंच है, जहां विवादों का निःशुल्क और स्थायी समाधान मिलता है। लोक अदालत में पारित निर्णय अंतिम होते हैं और इनके विरुद्ध अपील की कोई व्यवस्था नहीं होती, जिससे पक्षकारों के बीच सौहार्द बना रहता है।
प्रत्येक वर्ष चार राष्ट्रीय लोक अदालतों का आयोजन
जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव मरियम हेमरोम ने बताया कि आम लोगों को अधिक से अधिक लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से प्रत्येक वर्ष चार राष्ट्रीय लोक अदालतों का आयोजन किया जाता है। उन्होंने कहा कि विभिन्न विभागों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर जरूरतमंद लोगों तक विधिक सहायता और न्याय पहुंचाया जाता है। सभी विभागों के सामूहिक प्रयासों से ही इतनी बड़ी संख्या में मामलों का निष्पादन संभव हो पाया है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि वर्ष 2026 में भी लोक अदालतों के माध्यम से अधिकाधिक लोगों को लाभान्वित करने का प्रयास जारी रहेगा।
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार (नालसा) द्वारा वर्ष 2026 में चार राष्ट्रीय लोक अदालतों के आयोजन को स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके तहत पहली राष्ट्रीय लोक अदालत 14 मार्च, दूसरी 9 मई, तीसरी 12 सितंबर और चौथी 12 दिसंबर को आयोजित की जाएगी।
इस वर्ष किन-किन मामलों में समझौता हुआ जानें
वर्ष के दौरान आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालतों में बैंक रिकवरी से संबंधित 1,225 मामले, सुलह योग्य 464 आपराधिक मामले, बिजली विभाग से जुड़े 180 मामले, भूमि विवाद के 141 मामले, मोटर दुर्घटना के 4 मामले तथा चेक बाउंस से जुड़े 7 मामलों का निष्पादन किया गया। इसके अतिरिक्त, राजस्व संबंधी मामलों में 7 लाख 7 हजार 126 रुपये की राशि पर समझौता हुआ, जबकि बैंक रिकवरी से जुड़े मामलों में लगभग 3 करोड़ 20 लाख रुपये का निपटारा किया गया।