Aaj Ka Panchang: आज, 12 जुलाई 2026 (रविवार) का दिन हिंदू धर्म में विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व रखता है। इस दिन रवि प्रदोष व्रत, मासिक शिवरात्रि और रोहिणी व्रत का दुर्लभ संयोग बन रहा है, जिससे भगवान शिव की पूजा का महत्व कई गुना बढ़ गया है। मान्यता है कि प्रदोष काल में श्रद्धा और विधि-विधान से शिव आराधना करने पर सुख-समृद्धि, मानसिक शांति और पापों से मुक्ति का आशीर्वाद प्राप्त होता है। आज कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि रात 10:29 बजे तक रहेगी, इसके बाद चतुर्दशी तिथि प्रारंभ होगी।
सूर्योदय, नक्षत्र, योग और राशि परिवर्तन पर एक नजर
आज का सूर्योदय सुबह 5:32 बजे और सूर्यास्त शाम 7:22 बजे होगा। चंद्रमा शाम 7:06 बजे तक वृषभ राशि में रहेंगे, इसके बाद मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे। रोहिणी नक्षत्र सुबह 8:29 बजे तक रहेगा, फिर मृगशिरा नक्षत्र प्रारंभ होगा। वृद्धि योग रात 8:06 बजे तक रहेगा, इसके बाद ध्रुव योग बनेगा। गरज करण दोपहर 12:18 बजे तक, वणिज करण रात 10:29 बजे तक और उसके बाद विष्टि (भद्रा) करण रहेगा।
आज के शुभ मुहूर्त और अशुभ समय
आज अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:59 बजे से दोपहर 12:54 बजे तक रहेगा। अमृत काल सुबह 5:37 बजे से 7:03 बजे तक तथा रात 9:55 बजे से 11:19 बजे तक रहेगा। वहीं राहुकाल शाम 5:38 बजे से 7:22 बजे तक, गुलिकाल दोपहर 3:54 बजे से 5:38 बजे तक और यमगण्ड दोपहर 12:27 बजे से 2:10 बजे तक रहेगा। शुभ कार्यों के लिए राहुकाल और अन्य अशुभ समय से बचने की सलाह दी जाती है।
रवि प्रदोष व्रत: शिव पूजा का सबसे शुभ समय
रवि कृष्ण प्रदोष व्रत के अवसर पर भगवान शिव की पूजा का सबसे शुभ समय शाम 7:22 बजे से रात 9:24 बजे तक रहेगा। हिंदू पंचांग के अनुसार, जब त्रयोदशी तिथि प्रदोष काल में पड़ती है, तभी प्रदोष व्रत का विशेष महत्व माना जाता है। इस दिन व्रत रखकर शिवलिंग का जलाभिषेक, बेलपत्र, धतूरा और फल अर्पित करने तथा "ॐ नमः शिवाय" मंत्र का जाप करने से भक्तों को शिव कृपा, मनोकामना पूर्ति और आध्यात्मिक उन्नति का आशीर्वाद प्राप्त होता है।