Aaj Ka Panchang: वैदिक पंचांग के अनुसार 15 जुलाई 2026, बुधवार से आषाढ़ गुप्त नवरात्र की शुरुआत हो गई है। इस दौरान दस महाविद्याओं की साधना, व्रत और मां शक्ति की गुप्त उपासना का विशेष महत्व माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि श्रद्धापूर्वक पूजा-अर्चना करने से साधक के जीवन के दुख-दर्द दूर होते हैं और आत्मबल व सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। गुप्त नवरात्र में घटस्थापना भी शुभ मुहूर्त में करना अत्यंत फलदायी माना गया है।
तिथि, योग और ग्रहों की स्थिति
आज आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि दोपहर 11:50 बजे तक रहेगी, इसके बाद द्वितीया तिथि प्रारंभ होगी। हर्षण योग सुबह 8:04 बजे तक रहेगा, फिर वज्र योग शुरू होगा। सूर्य देव मिथुन राशि और चंद्र देव कर्क राशि में विराजमान हैं। पुष्य नक्षत्र रात 9:46 बजे तक रहेगा, इसके बाद आश्लेषा नक्षत्र का आरंभ होगा। सूर्योदय सुबह 5:33 बजे और सूर्यास्त शाम 7:21 बजे होगा।
आज के शुभ-अशुभ मुहूर्त, राहुकाल और घटस्थापना का समय
आज अभिजीत मुहूर्त नहीं है, जबकि अमृत काल दोपहर 4:00 बजे से शाम 5:27 बजे तक रहेगा। राहुकाल दोपहर 12:27 बजे से 2:10 बजे तक, गुलिकाल सुबह 10:44 बजे से 12:27 बजे तक और यमगण्ड सुबह 7:17 बजे से 9:00 बजे तक रहेगा। आषाढ़ गुप्त नवरात्र की घटस्थापना के लिए शुभ मुहूर्त सुबह 5:33 बजे से 10:09 बजे तक निर्धारित है।
दस महाविद्याओं की साधना से मिलती है विशेष कृपा
आषाढ़ गुप्त नवरात्र को तंत्र-मंत्र, साधना और दस महाविद्याओं की उपासना के लिए अत्यंत सिद्धिदायक माना जाता है। देवी भागवत के अनुसार इस अवधि में विधि-विधान से व्रत, पूजा और मां दुर्गा की आराधना करने वाले भक्तों के जीवन के कष्ट दूर होते हैं तथा सुख, समृद्धि और आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त होता है। गुप्त नवरात्र आत्मशक्ति, संयम और देवी कृपा प्राप्त करने का विशेष अवसर माना जाता है।