Aaj Ka Panchang: वैदिक पंचांग के अनुसार, आज एक अगस्त दो हज़ार छब्बीस, शनिवार को सावन माह के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि रात ग्यारह बजकर सात मिनट तक रहेगी। इसके बाद चतुर्थी तिथि प्रारंभ होगी। आज शोभन योग रात ग्यारह बजकर बाइस मिनट तक रहेगा, जिसके बाद अतिगण्ड योग शुरू होगा। चंद्रमा आज शतभिषा नक्षत्र में विराजमान रहेंगे।
सनातन धर्म में शनिवार का दिन शनिदेव की पूजा के लिए विशेष माना जाता है। इस दिन विधि-विधान से पूजा करने और दान-पुण्य करने का विशेष महत्व बताया गया है।
आज का पंचांग
दिन: शनिवार
मास: श्रावण
पक्ष: कृष्ण पक्ष
तिथि: तृतीया रात ग्यारह बजकर सात मिनट तक, इसके बाद चतुर्थी
संवत: दो हज़ार तीरासी
आज के योग और करण
योग: शोभन रात ग्यारह बजकर बाइस मिनट तक, इसके बाद अतिगण्ड
करण: वणिज प्रातः दस बजकर बावन मिनट तक
करण: विष्टि यानी भद्रा रात ग्यारह बजकर सात मिनट तक, इसके बाद बव
सूर्योदय और सूर्यास्त का समय
सूर्योदय: प्रातः पाँच बजकर बयालीस मिनट
सूर्यास्त: सायं सात बजकर बारह मिनट
चंद्रोदय: रात आठ बजकर पचपन मिनट
चंद्रास्त: दो अगस्त प्रातः सात बजकर छप्पन मिनट
ग्रहों की स्थिति
सूर्य: कर्क राशि
चंद्रमा: कुंभ राशि
आज के शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर बारह बजे से बारह बजकर चौवन मिनट तक
अमृत काल: दोपहर एक बजकर नौ मिनट से दो बजकर एक मिनट तक
आज का राहुकाल और अशुभ समय
राहुकाल: प्रातः नौ बजकर पाँच मिनट से दस बजकर छियालीस मिनट तक
गुलिकाल: प्रातः पाँच बजकर बयालीस मिनट से सात बजकर चौबीस मिनट तक
यमगण्ड: दोपहर दो बजकर आठ मिनट से तीन बजकर पचास मिनट तक
आज का नक्षत्र
आज शतभिषा नक्षत्र रात आठ बजकर पैंतालीस मिनट तक रहेगा। इसके बाद पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र प्रारंभ होगा।
शतभिषा नक्षत्र की विशेषताएं:-
नक्षत्र स्वामी: राहु
राशि स्वामी: शनिदेव
देवता: वरुणदेव
प्रतीक: खाली वृत्त यानी शून्य
इस नक्षत्र में जन्मे लोगों को सामान्यतः बुद्धिमान, सत्यनिष्ठ, स्वतंत्र विचारों वाला, धैर्यवान, जिज्ञासु और नेतृत्व क्षमता से भरपूर माना जाता है।