Bengal Politics: पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर टकराव की स्थिति बन गई है. तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच बढ़ते राजनीतिक तनाव के बीच टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने कोलकाता में प्रस्तावित धरना प्रदर्शन को हर हाल में आयोजित करने का ऐलान किया है. पुलिस द्वारा अनुमति देने से इनकार किए जाने के बावजूद उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि वह पीछे हटने वाली नहीं हैं. उन्होंने भाजपा पर लोकतांत्रिक आवाज को दबाने और टीएमसी को कमजोर करने की कोशिश करने का आरोप भी लगाया है.
अभिषेक बनर्जी पर हमले के विरोध में धरने की तैयारी
अभिषेक बनर्जी पर हुए कथित हमले के बाद तृणमूल कांग्रेस ने विरोध प्रदर्शन का फैसला लिया था. इसी क्रम में 2 जून को कोलकाता के रानी रासमणि रोड पर धरना आयोजित करने की घोषणा की गई थी. हालांकि पुलिस ने इस कार्यक्रम को अनुमति देने से इनकार कर दिया. इसके बाद ममता बनर्जी ने नाराजगी जताते हुए कहा कि सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करना लोकतांत्रिक अधिकार है और अनुमति मिले या नहीं, धरना कार्यक्रम जारी रहेगा.
उन्होंने कहा कि राज्य में आम नागरिकों, छोटे व्यापारियों और रेहड़ी पटरी पर जीवनयापन करने वाले लोगों के बीच असुरक्षा का माहौल है. उनके अनुसार कई लोगों को बिना किसी उचित पुनर्वास व्यवस्था के हटाया जा रहा है, जिससे उनकी आजीविका प्रभावित हो रही है.
भाजपा पर टीएमसी विधायकों को तोड़ने का आरोप
ममता बनर्जी ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सत्तारूढ़ दल धन बल का इस्तेमाल कर तृणमूल कांग्रेस के विधायकों और नेताओं को अपने पक्ष में करने की कोशिश कर रहा है. उन्होंने दावा किया कि राजनीतिक दबाव और संसाधनों के बल पर उनकी पार्टी को कमजोर करने की रणनीति अपनाई जा रही है.
हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग व्यक्तिगत स्वार्थ के कारण पार्टी छोड़ रहे हैं, उनके जाने से संगठन को दोबारा मजबूत करने का अवसर मिलेगा. उनके मुताबिक टीएमसी इस चुनौतीपूर्ण दौर से और अधिक मजबूत होकर बाहर निकलेगी.
राज्य में भय का माहौल होने का दावा
टीएमसी प्रमुख ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में लोगों के बीच डर और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है. उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव परिणाम आने के बाद से अब तक तृणमूल कांग्रेस के 12 कार्यकर्ताओं की हत्या हो चुकी है. इसके अलावा हजारों पार्टी कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है.
ममता बनर्जी ने दावा किया कि नई सरकार बनने के बाद बड़ी संख्या में लोगों को अपना घर छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा है. उन्होंने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों को लेकर आम जनता के बीच गहरी चिंता दिखाई दे रही है.
लोकतांत्रिक विरोध रोकने की कोशिश का आरोप
धरना प्रदर्शन को लेकर ममता बनर्जी ने कहा कि प्रशासन और सरकार लोकतांत्रिक तरीके से होने वाले विरोध प्रदर्शनों में बाधा डालने का प्रयास कर रहे हैं. उन्होंने रेहड़ी पटरी वालों को हटाने की कार्रवाई, टीएमसी कार्यकर्ताओं पर कथित हमलों और नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं जैसे मुद्दों का उल्लेख करते हुए कहा कि पार्टी इन सभी विषयों को जनता के सामने उठाना चाहती है.
उन्होंने कहा कि यही कारण है कि 2 जून को धरना कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है और इसे किसी भी स्थिति में रद्द नहीं किया जाएगा.
जहां रोका जाएगा वहीं धरने पर बैठ जाऊंगी
ममता बनर्जी ने साफ शब्दों में कहा कि यदि प्रशासन उन्हें निर्धारित स्थल पर धरना देने की अनुमति नहीं देता है तो वह जहां रोकी जाएंगी, वहीं धरने पर बैठ जाएंगी. उन्होंने कहा कि आंदोलन को रोकने के लिए किसी भी तरह का दबाव स्वीकार नहीं किया जाएगा.
उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर वह गिरफ्तारी देने के लिए तैयार हैं. ममता ने दावा किया कि यदि हालात बने तो वह अपने आंदोलन को दिल्ली तक ले जाने से भी पीछे नहीं हटेंगी.