Bengal Politics: पश्चिम बंगाल की राजनीति में चर्चित फर्जी हस्ताक्षर मामले की जांच के बीच तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी फिलहाल CID के सामने पेश नहीं हुए हैं. जांच एजेंसी के नोटिस के जवाब में उन्होंने पूछताछ के लिए और समय देने का अनुरोध किया है. अभिषेक ने अपनी व्यस्तता, दिल्ली में मौजूदगी और हाईकोर्ट में लंबित याचिका का हवाला देते हुए तत्काल पेश होने में असमर्थता जताई है.
आखिर क्या है पूरा सिग्नेचर मिसमैच मामलायह मामला उस शिकायत से जुड़ा है जिसमें तृणमूल कांग्रेस के कुछ विधायकों ने आरोप लगाया था कि पश्चिम बंगाल विधानसभा में जमा कुछ आधिकारिक दस्तावेजों पर उनके हस्ताक्षरों की नकल की गई. शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच CID को सौंपी गई थी. जांच एजेंसी इसी मामले में अलग अलग पक्षों से पूछताछ कर रही है और इसी क्रम में अभिषेक बनर्जी को भी नोटिस जारी किया गया था.
CID ने दोबारा भेजा था नोटिस
सूत्रों के अनुसार अभिषेक बनर्जी पहले निर्धारित तारीख पर CID कार्यालय में उपस्थित नहीं हो सके थे. इसके बाद जांच एजेंसी ने उन्हें नया नोटिस जारी करते हुए सोमवार दोपहर तक दक्षिण कोलकाता स्थित कार्यालय में पेश होने को कहा था. हालांकि इस बीच वह कोलकाता से दिल्ली रवाना हो गए.
दिल्ली में विपक्षी गठबंधन इंडिया की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें शामिल होने के लिए अभिषेक बनर्जी पहुंचे थे. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी इन दिनों दिल्ली में मौजूद हैं और गठबंधन से जुड़े कार्यक्रमों में हिस्सा ले रही हैं.
दिल्ली में मौजूदगी का हवाला देकर मांगा और समय
राज्य पुलिस सूत्रों के मुताबिक अभिषेक बनर्जी की ओर से CID को औपचारिक रूप से संदेश भेजा गया है. इसमें उन्होंने बताया कि वह फिलहाल दिल्ली में हैं और इसलिए निर्धारित समय पर पूछताछ के लिए उपस्थित नहीं हो पाएंगे. उन्होंने एजेंसी से नई तारीख देने का अनुरोध किया है.
सूत्रों का कहना है कि उन्होंने अपनी याचिका का भी उल्लेख किया है, जिस पर 10 जून को कलकत्ता हाईकोर्ट की अवकाशकालीन एकल पीठ में सुनवाई होनी है.
हाईकोर्ट में भी चल रही है कानूनी लड़ाई
अभिषेक बनर्जी ने CID के समन को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. अपनी याचिका में उन्होंने जांच से जुड़ी किसी भी कठोर कार्रवाई से सुरक्षा की मांग की है. साथ ही उन्होंने अदालत से मामले की जल्द सुनवाई का अनुरोध भी किया था.
उनका पक्ष है कि जब तक अदालत में उनकी याचिका पर सुनवाई पूरी नहीं हो जाती, तब तक उन्हें राहत मिलनी चाहिए. इसी वजह से उन्होंने जांच एजेंसी के समक्ष पेश होने के लिए अतिरिक्त समय मांगा है.
15 दिन की मोहलत की मांग पर सहमत नहीं हुई एजेंसी
जानकारी के मुताबिक अभिषेक बनर्जी ने CID से पूछताछ के लिए करीब 15 दिन का समय मांगा था. हालांकि जांच एजेंसी ने इस अनुरोध को स्वीकार नहीं किया. ऐसे में अब सबकी नजर हाईकोर्ट की आगामी सुनवाई और CID की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है.