Ranchi News: राज्य के सबसे बड़े अस्पताल रिम्स में जांच व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है. मरीजों को अल्ट्रासाउंड और सिटी स्कैन कराने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है. मरीजों की बढ़ती संख्या और सीमित संसाधनों के कारण जांच की तारीखें लगातार आगे बढ़ाई जा रही हैं, जिससे कई मरीजों के इलाज में देरी हो रही है.
ओपीडी से आने वाले मरीजों को सिटी स्कैन कराने के लिए करीब 20 दिन बाद की तारीख दी जा रही है. वहीं अल्ट्रासाउंड जांच के लिए भी मरीजों को लगभग 15 दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है. दूर-दराज के इलाकों से इलाज कराने पहुंचे मरीजों और उनके परिजनों को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ रही है.
स्थिति यह है कि अस्पताल में भर्ती मरीजों को भी कई बार तत्काल जांच नहीं मिल पा रही है. उन्हें अल्ट्रासाउंड और सिटी स्कैन के लिए पांच से सात दिन बाद का नंबर दिया जा रहा है. ऐसे में गंभीर मरीजों के इलाज की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है.
गंभीर मरीजों को दी जा रही प्राथमिकता
मरीजों के परिजनों का कहना है कि समय पर जांच रिपोर्ट नहीं मिलने से डॉक्टरों को इलाज शुरू करने में परेशानी होती है. हालांकि अस्पताल प्रशासन गंभीर मरीजों को प्राथमिकता देने की कोशिश कर रहा है.
खासकर न्यूरो विभाग में आने वाले मरीजों के लिए तत्काल सिटी स्कैन की व्यवस्था की जा रही है. डॉक्टरों का कहना है कि सिर में चोट, ब्रेन स्ट्रोक और अन्य न्यूरोलॉजिकल मामलों में समय पर जांच बेहद जरूरी होती है, इसलिए ऐसे मरीजों को प्राथमिकता दी जाती है.
अल्ट्रासाउंड जांच के बाद फिल्म नहीं मिल रही
वहीं अल्ट्रासाउंड जांच को लेकर एक और समस्या सामने आ रही है. लंबे समय से मरीजों को अल्ट्रासाउंड की फिल्म उपलब्ध नहीं कराई जा रही है. मरीजों को सिर्फ लिखित रिपोर्ट देकर भेज दिया जा रहा है.
मरीजों का कहना है कि इलाज के दौरान कई बार डॉक्टरों को जांच की तस्वीर की जरूरत पड़ती है, ऐसे में फिल्म नहीं मिलने से परेशानी बढ़ रही है. प्रतिदिन बड़ी संख्या में अल्ट्रासाउंड होने के बावजूद अस्पताल प्रशासन फिल्म उपलब्ध कराने की व्यवस्था नहीं कर पा रहा है.
रिम्स में जांच के लिए बढ़ता इंतजार मरीजों के लिए बड़ी परेशानी बन गया है. अब सवाल उठ रहा है कि मरीजों की संख्या के हिसाब से जांच संसाधन बढ़ाने की दिशा में कब तक ठोस कदम उठाए जाएंगे.