Bihar: बिहार के भोजपुर जिले में हुए चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर के बाद आयोजित महापंचायत में खुद को भरत तिवारी का भाई बताते हुए पुलिस की नौकरी छोड़ने का दावा करने वाले सिपाही आशीष तिवारी पर अब विभागीय कार्रवाई तेज हो गई है। बिहार पुलिस मुख्यालय ने स्पष्ट किया है कि आशीष तिवारी को सेवा से बर्खास्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में आयोजित महापंचायत के दौरान आशीष तिवारी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस मुख्यालय ने मामले का संज्ञान लिया और जांच कराई। जांच में पुष्टि हुई कि आशीष तिवारी बिहार पुलिस में पैंथर सिपाही के पद पर तैनात है।
पहले से गंभीर मामले में है आरोपी
पुलिस मुख्यालय के अनुसार, आशीष तिवारी के खिलाफ पहले से ही गंभीर आरोप दर्ज हैं। वर्ष 2024 में पूर्वी चंपारण जिले के पिपराकोठी थाना में तैनाती के दौरान उसने कथित रूप से अपने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों पर सरकारी पिस्तौल तान दी थी। इतना ही नहीं, उसने थाना परिसर में फायरिंग भी की थी, जिससे वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया था। इस घटना के बाद आशीष तिवारी के खिलाफ पिपराकोठी थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई थी और उसके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी गई थी। पुलिस मुख्यालय ने बताया कि वर्तमान में उसे सेवा से बर्खास्त करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
महापंचायत में दिए बयान से बढ़ा विवाद
भरत तिवारी एनकाउंटर के विरोध में आयोजित महापंचायत के दौरान आशीष तिवारी ने सार्वजनिक मंच से खुद को भरत तिवारी का भाई बताते हुए पुलिस सेवा छोड़ने की बात कही थी। इसका वीडियो वायरल होने के बाद मामला और तूल पकड़ गया, जिसके बाद पुलिस मुख्यालय ने पूरे प्रकरण की समीक्षा कर कार्रवाई तेज कर दी।