Bihar News: नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद बिहार के हाजीपुर में गंडक नदी का भयावह मंजर देखने को मिला। नदी में मलबे के साथ लकड़ियां, गैस सिलेंडर, चप्पल और अन्य घरेलू सामान बहते नजर आए। इसी दौरान नदी के तेज बहाव में इंसानों और जानवरों के शव भी बहते दिखाई दिए, जिससे नदी किनारे रहने वाले लोगों और स्थानीय नाविकों में दहशत फैल गई।
बताया जा रहा है कि नेपाल और तिब्बत सीमा से लगे हिमालयी क्षेत्र में ग्लेशियर टूटने के बाद बाढ़ की स्थिति बनी थी। इस प्राकृतिक आपदा में बड़े पैमाने पर नुकसान की खबर सामने आई थी। इसके बाद बाढ़ का पानी और मलबा नदियों के रास्ते नीचे की ओर पहुंचा, जिसका असर गंडक नदी में भी देखने को मिला।
सुबह से नदी किनारे पहुंच रहा था बड़ी मात्रा में मलबा
स्थानीय नाविकों के अनुसार, सुबह से ही गंडक नदी के किनारे बड़ी संख्या में लकड़ियां और अन्य सामान बहकर पहुंच रहे थे। नाविकों ने नदी से लकड़ियों को निकालकर किनारे जमा किया। शुरुआत में इसे सामान्य बाढ़ के मलबे के तौर पर देखा गया, लेकिन बाद में नदी में शव दिखाई देने से लोगों के बीच भय का माहौल बन गया।

नाविकों का दावा है कि उन्होंने नदी के बहाव में कई जानवरों के शव और इंसानी शवों को बहते हुए अपनी आंखों से देखा। हालांकि, शवों की संख्या और उनकी पहचान की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
पुराने गंडक पुल से मंजर देखने उमड़ी भीड़
हाजीपुर-सोनपुर पुराने गंडक पुल के आसपास नदी में बहते मलबे और शवों को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग जुट गए। नदी का तेज बहाव और उसमें लगातार बहकर आ रहा मलबा लोगों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। स्थानीय लोगों और नाविकों ने प्रशासन से मामले की गंभीरता से जांच करने और नदी में बहकर आ रहे शवों तथा अन्य मलबे के संबंध में आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।