Bokaro News: झारखंड के बोकारो जिले में पुलिस विभाग से जुड़ा एक बड़ा वित्तीय घोटाला सामने आया है. दारोगा के वेतन मद में करीब 3.15 करोड़ रुपये की फर्जी निकासी के मामले में बोकारो पुलिस के एकाउंटेंट कौशल किशोर पांडेय को गिरफ्तार कर लिया गया है. फिलहाल मामले की जांच जारी है और इसमें अन्य लोगों की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है.
महालेखाकार की रिपोर्ट से हुआ खुलासा
इस पूरे घोटाले का खुलासा तब हुआ जब महालेखाकार (AG) ने गड़बड़ी पकड़ते हुए राज्य सरकार के वित्त सचिव को पत्र लिखकर इसकी जानकारी दी. इसके बाद मामला मीडिया में आया और गंभीरता को देखते हुए राज्य के वित्त मंत्री राधा कृष्ण ने जांच के आदेश दिए.
20 महीनों तक चलता रहा खेल
जांच में सामने आया है कि दारोगा उपेंद्र सिंह के वेतन के नाम पर लगातार 20 महीनों तक हर महीने करीब 15 से 16 लाख रुपये की निकासी की जाती रही. इस तरह कुल 3.15 करोड़ रुपये की राशि निकाली गई, जो अब संदेह के घेरे में है.
जांच के बाद दर्ज हुई प्राथमिकी
जिला प्रशासन ने मामले की जांच के बाद फर्जी निकासी, गबन और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य मिटाने जैसे गंभीर आरोपों में प्राथमिकी दर्ज की. सोमवार रात करीब 7 बजे एकाउंटेंट कौशल किशोर पांडेय को पूछताछ के लिए बुलाया गया. पूरी रात हिरासत में रखने के बाद मंगलवार सुबह उसे गिरफ्तार कर लिया गया.
जिम्मेदारी पर उठे सवाल
जानकारी के अनुसार, जिला पुलिस में पैसे की निकासी की अंतिम अनुमति (डीडीओ) एसपी के पास होती है. एकाउंटेंट द्वारा तैयार किए गए बिल को एसपी ही पास करते हैं. ऐसे में लगातार 20 महीनों तक एक ही पदाधिकारी के नाम पर लाखों रुपये की निकासी होना और उच्च स्तर पर इसका पता नहीं चलना कई सवाल खड़े करता है. नियमानुसार इस मामले में डीडीओ की जिम्मेदारी भी बनती है.
आगे की कार्रवाई जारी
पुलिस अब इस पूरे मामले में अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच कर रही है. संभावना है कि जांच के दौरान और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं.