Bokaro News : झारखंड के बोकारो जिले के नावाडीह प्रखंड निवासी एक प्रवासी मजदूर की गोवा में काम के दौरान करंट लगने से मौत हो गई। घटना के बाद मृतक के परिवार में मातम पसरा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
जानकारी के अनुसार, नावाडीह प्रखंड के मुंगो रंगामाटी गांव निवासी चंद्रशेखर महतो के 22 वर्षीय पुत्र मनोज कुमार महतो गोवा में काम कर रहे थे। काम के दौरान उन्हें बिजली का करंट लग गया। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
हादसे में तीन अन्य मजदूर भी घायल
इस हादसे में उसी गांव के धनेश्वर महतो, जितेंद्र महतो और युगल महतो भी करंट की चपेट में आकर घायल हो गए। सभी का इलाज चल रहा है। घटना की सूचना गांव पहुंचते ही पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई।
समाजसेवी ने मुआवजे की मांग उठाई
घटना की जानकारी मिलने पर प्रवासी मजदूरों के हित में काम करने वाले समाजसेवी सिकंदर मृतक के घर पहुंचे और शोकाकुल परिवार को सांत्वना दी। उन्होंने संबंधित कंपनी से मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा देने की मांग की।
सिकंदर ने कहा कि रोजगार की तलाश में दूसरे राज्यों और विदेश जाने वाले झारखंड के युवाओं की मौत की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। उन्होंने सरकार और संबंधित एजेंसियों से प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।
विदेशों में भी फंसे हैं कई मजदूरों के शव
समाजसेवी ने बताया कि बोकारो जिले के गोमिया प्रखंड के कतवारी निवासी सत्येंद्र महतो का शव पिछले एक महीने से सऊदी अरब में पड़ा है। वहीं, गिरिडीह जिले के बगोदर थाना क्षेत्र के तिरला निवासी लालचंद महतो का शव पिछले 21 दिनों से दुबई में फंसा हुआ है। इसके अलावा, बगोदर के मुंडरो निवासी द्वारिका महतो का शव करीब एक महीने बाद सऊदी अरब से उनके घर पहुंच पाया।
बोकारो, गिरिडीह, हजारीबाग और आसपास के जिलों से रोजगार के लिए बाहर जाने वाले मजदूरों की मौत और विदेशों में शव फंसे रहने की घटनाओं ने एक बार फिर प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षा और उनके अधिकारों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।