Chaibasa: पश्चिमी सिंहभूम जिले के बड़ाजामदा स्थित फुटबॉल मैदान के समीप करीब 1 एकड़ 19 डिसमिल जमीन को लेकर शुक्रवार को विवाद गहरा गया। मामला उस समय अचानक तनावपूर्ण हो उठा जब एक पक्ष द्वारा बुलडोजर लगाकर जमीन की सफाई का काम शुरू कराया गया। जैसे ही इसकी जानकारी आसपास के लोगों को मिली, बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और काम रुकवा दिया। देखते ही देखते माहौल तनावपूर्ण हो गया और दोनों पक्ष अपनी-अपनी दावेदारी को लेकर आमने-सामने आ गए। स्थिति बिगड़ती देख मामला थाना तक पहुंच गया, जहां दोनों पक्षों ने अपनी बात पुलिस के सामने रखी।
आदिवासी समाज ने जमीन को बताया पारंपरिक श्मशान घाट
हो आदिवासी समाज के लोगों का कहना है कि विवादित जमीन उनके समुदाय के लिए वर्षों से धार्मिक और सामाजिक आस्था का केंद्र रही है। ग्रामीणों के अनुसार इस जगह का इस्तेमाल उनके पूर्वजों के समय से श्मशान घाट के रूप में होता आ रहा है और यहां चार पीढ़ियों से शव दफनाए जाते रहे हैं। लोगों का आरोप है कि अचानक बुलडोजर लगाकर जमीन को समतल करने की कोशिश की गई और उसे निजी संपत्ति बताया जाने लगा, जिससे समाज के लोगों में आक्रोश फैल गया। महिलाओं समेत सैकड़ों ग्रामीण मौके पर पहुंचे और विरोध जताते हुए काम बंद करा दिया। ग्रामीणों ने कहा कि जिस जमीन से उनकी परंपराएं और पूर्वजों की यादें जुड़ी हों, वहां इस तरह की कार्रवाई से समाज में नाराजगी फैलना स्वाभाविक है।
दूसरे पक्ष ने दिखाए दस्तावेज, जमीन को बताया पुश्तैनी संपत्ति
वहीं दूसरे पक्ष के मनोज वर्मा ने जमीन पर अपना वैध अधिकार होने का दावा किया है। उनका कहना है कि यह जमीन उनके परिवार की पुश्तैनी संपत्ति है, जिसकी रजिस्ट्री वर्ष 1976 में कराई गई थी। उन्होंने बताया कि वे लगातार इस जमीन का मालगुजारी टैक्स जमा करते आ रहे हैं और उनके पास सभी आवश्यक दस्तावेज मौजूद हैं। मनोज वर्मा के अनुसार जमीन की मापी कराने के बाद बाउंड्री वॉल निर्माण की तैयारी के तहत सफाई कराई जा रही थी, लेकिन उसी दौरान कुछ लोगों ने विरोध शुरू कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि ग्रामसभा के जरिए उनकी जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की जा रही है और वे किसी भी स्थिति में अपनी जमीन छोड़ने वाले नहीं हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर वे न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे।
पुलिस ने दोनों पक्षों को दी शांति बनाए रखने की सलाह
मामले की सूचना मिलने के बाद बड़ाजामदा थाना पुलिस ने दोनों पक्षों को बुलाकर उनकी बात सुनी। पुलिस ने प्रारंभिक जांच के बाद इसे राजस्व विभाग से जुड़ा मामला बताया और दोनों पक्षों को अंचल अधिकारी के समक्ष लिखित आवेदन देने की सलाह दी। साथ ही पुलिस ने सभी लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी तरह की मारपीट या तनावपूर्ण स्थिति से बचने की अपील की। फिलहाल दोनों पक्षों को समझाकर घर भेज दिया गया है, लेकिन इलाके में स्थिति को देखते हुए पुलिस निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो सके।