Tandwa Panchayat Mukhiya: चतरा के प्रतापपुर प्रखंड की टंडवा ग्राम पंचायत के मुखिया रामकेश्वर यादव उर्फ किशोर यादव पर मनरेगा मजदूरों की मजदूरी भुगतान प्रक्रिया में पैसे मांगने के आरोप में प्रशासन ने कार्रवाई की है. जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त ने मुखिया के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए हैं.
मामला मजदूरों की मजदूरी भुगतान से जुड़ा है. शिकायत मिली थी कि डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट, यानी DSC बनवाने के नाम पर मजदूरों से अवैध राशि ली जा रही है. इसके बाद जिला प्रशासन ने प्रतापपुर के प्रखंड विकास पदाधिकारी से मामले की जांच कराई.
जांच रिपोर्ट में पैसे लेने की बात सामने आई
BDO ने 9 मई 2026 को जांच रिपोर्ट सौंपी थी. रिपोर्ट में मुखिया द्वारा DSC बनवाने के नाम पर पैसे लेने की बात स्वीकार करने का उल्लेख किया गया है.
प्रशासन ने इसे झारखंड पंचायती राज अधिनियम, 2001 की धारा 64 (II) का उल्लंघन माना. मुखिया से इस मामले में स्पष्टीकरण भी मांगा गया था, लेकिन जिला प्रशासन ने उनके जवाब को संतोषजनक नहीं पाया.
उपमुखिया को मिली पंचायत की जिम्मेदारी
जिला प्रशासन ने ग्रामीण विकास विभाग, पंचायती राज के प्रावधानों के तहत मुखिया के सभी वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार निलंबित कर दिए हैं.
अब टंडवा पंचायत के उपमुखिया को अगले आदेश तक पंचायत के वित्तीय और अन्य प्रशासनिक अधिकार सौंप दिए गए हैं. यह जिम्मेदारी झारखंड पंचायती राज अधिनियम की धारा 73 (क)(II) के तहत दी गई है.
अधिकारियों को आदेश तामील कराने का निर्देश
उपायुक्त ने आदेश की प्रति ग्रामीण विकास विभाग, उप विकास आयुक्त, अनुमंडल पदाधिकारी, जिला पंचायत राज पदाधिकारी और प्रतापपुर BDO को भेजी है.
BDO को निर्देश दिया गया है कि आदेश की प्रति मुखिया और उपमुखिया को उपलब्ध कराकर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित करें. प्रशासन का आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है.