Current News : दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने वर्ष 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के दौरान इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) के अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में आम आदमी पार्टी के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन समेत पांच आरोपियों को दोषी करार दिया है। फैसला सुनाए जाने के बाद ताहिर हुसैन अदालत में भावुक हो गए और खुद को बेगुनाह बताया।
यह मामला फरवरी 2020 में हुए उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों से जुड़ा है, जिसमें 53 लोगों की मौत हुई थी, कई लोग घायल हुए थे और करोड़ों रुपये की संपत्ति का नुकसान हुआ था।
110 गवाहों के आधार पर आया फैसला
25 फरवरी 2020 को चांद बाग इलाके में नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के विरोध प्रदर्शन के दौरान आईबी के सिक्योरिटी असिस्टेंट अंकित शर्मा की हत्या कर दी गई थी। उनका शव अगले दिन एक नाले से बरामद हुआ था। इस मामले में अंकित शर्मा के पिता रवींद्र कुमार की शिकायत पर दयालपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने तत्कालीन आप पार्षद ताहिर हुसैन समेत 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। जांच के दौरान 3 जून 2020 को 648 पन्नों की मुख्य चार्जशीट दाखिल की गई, जबकि बाद में छह पूरक चार्जशीट भी अदालत में प्रस्तुत की गईं।
हत्या समेत कई धाराओं में दोषी, साजिश के आरोप से बरी
कड़कड़डूमा कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश परवीन सिंह ने 13 जुलाई को सुनाए गए फैसले में ताहिर हुसैन, नाजिम, कासिम, जावेद और अनस को दोषी ठहराया, जबकि छह अन्य आरोपियों को बरी कर दिया।
अदालत ने ताहिर हुसैन को आपराधिक साजिश के आरोप से बरी किया, लेकिन उन्हें भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 302 (हत्या), 149, 148, 147, 188 और 365 सहित अन्य धाराओं के तहत दोषी पाया। दिल्ली पुलिस के अनुसार, यह फैसला लंबी न्यायिक प्रक्रिया के बाद आया है। अभियोजन पक्ष ने कुल 110 गवाह पेश किए थे, जिनमें से अदालत ने 91 गवाहों के बयान और साक्ष्यों पर विस्तार से विचार किया।