Current News : मानसून सत्र के आखिरी दिन गुरुवार को विपक्षी दलों के हंगामे के बीच लोकसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई। 20 जुलाई से शुरू हुआ मानसून सत्र लगातार हंगामे की भेंट चढ़ता रहा। विपक्षी दलों ने संसद के अंदर और बाहर कई मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार को घेरा।
पेपर लीक से लेकर छात्रों पर कार्रवाई तक उठाए मुद्दे
मानसून सत्र के दौरान इंडिया अलायंस के सांसदों ने अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे में कथित चोरी, जंतर-मंतर पर आंदोलन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज और पेपर लीक समेत कई मुद्दे उठाए। विपक्षी सांसदों के विरोध के कारण लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही कई बार बाधित हुई। संसद के मकर द्वार पर भी लगातार धरना-प्रदर्शन किया गया।
FCRA बिल JPC को भेजा गया
हंगामे के बीच सरकार ने कई महत्वपूर्ण विधेयक पारित कराए। वहीं विदेशी अंशदान विनियमन संशोधन विधेयक 2026 यानी FCRA बिल को संयुक्त संसदीय समिति (JPC) के पास भेज दिया गया। विपक्षी दलों ने इस बिल को लेकर भी सरकार पर कई सवाल उठाए।
कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने संसद में जारी गतिरोध के लिए केंद्र की मोदी सरकार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह को सदन में आकर विपक्ष के सवालों का जवाब देना चाहिए, लेकिन सरकार चर्चा से बच रही है। वेणुगोपाल ने दावा किया कि संसद की कार्यवाही बाधित होने की पूरी जिम्मेदारी सरकार की है और देश की जनता सरकार को पहले ही खारिज कर चुकी है। मानसून सत्र के दौरान दोनों सदनों में लगातार हंगामे और विरोध प्रदर्शन के बाद गुरुवार, 13 अगस्त को लोकसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई।