Delhi Crime News: दिल्ली में एक बार फिर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. राजधानी में चलती निजी बस के अंदर एक महिला के साथ दरिंदगी की शर्मनाक घटना सामने आई है. पीड़िता ने आरोपियों से अपने बच्चों और बीमार पति का हवाला देकर छोड़ देने की गुहार लगाई, लेकिन आरोपियों ने उसकी एक नहीं सुनी. घटना के बाद महिला को बस से बाहर फेंक दिया गया, जिसके बाद उसने खुद पुलिस को फोन कर पूरी घटना की जानकारी दी. इस मामले ने एक बार फिर दिल्ली की सड़कों पर महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था पर बहस तेज कर दी है.
भाई की मदद कर घर लौट रही थी महिला तभी हुई वारदात
जानकारी के मुताबिक पीड़िता सुल्तानपुरी में अपने भाई का घर शिफ्ट कराने में मदद करने गई थी. काम खत्म होने के बाद वह वापस लौट रही थी. इसी दौरान आउटर रिंग रोड पर उसने एक निजी बस को रुकते देखा. महिला समय पूछने के लिए बस में चढ़ी थी, लेकिन उसी दौरान उसके साथ हैवानियत की घटना शुरू हो गई.
पीड़िता ने पुलिस को बताया कि बस के अंदर मौजूद एक व्यक्ति ने उसे पीछे की तरफ धक्का दिया और चलती बस में उसके साथ दुष्कर्म किया. इसके बाद बस को नांगलोई रेलवे स्टेशन के पास ले जाकर खड़ा किया गया, जहां बस चालक ने भी उसके साथ दुष्कर्म किया.
बच्चों का वास्ता देकर छोड़ने की लगाई थी गुहार
पीड़िता ने बताया कि उसने आरोपियों से बार बार विनती की थी कि उसके घर में बीमार पति और तीन बेटियां हैं. उसने बच्चों का हवाला देकर छोड़ देने की गुहार लगाई, लेकिन आरोपियों का दिल नहीं पसीजा. घटना के बाद महिला को बस से नीचे फेंक दिया गया. किसी तरह हिम्मत जुटाकर उसने पुलिस को फोन किया और पूरी घटना की जानकारी दी.
दोनों आरोपी उत्तर प्रदेश के रहने वाले, पुलिस ने किया गिरफ्तार दिल्ली पुलिस ने मामले में तेजी से कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. आरोपियों की पहचान उमेश कुमार और रामेंद्र कुमार के रूप में हुई है. दोनों मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले बताए जा रहे हैं और उनकी उम्र 35 साल से ज्यादा है.
पुलिस के मुताबिक उमेश कुमार को मौके से ही हिरासत में ले लिया गया था, जबकि दूसरे आरोपी रामेंद्र कुमार को बाद में गिरफ्तार किया गया. अदालत ने दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है.
अस्पताल में भर्ती होने से भी किया इनकार
घटना के बाद पीड़िता को मेडिकल जांच के लिए पीतमपुरा के सरकारी अस्पताल ले जाया गया था. डॉक्टरों ने उसकी हालत को देखते हुए अस्पताल में भर्ती होने की सलाह दी, लेकिन उसने मना कर दिया.
पीड़िता ने डॉक्टरों से कहा कि उसके पति बीमार हैं और उसकी तीन बेटियां घर पर उसका इंतजार कर रही हैं. उसने यह भी कहा कि अगर वह अस्पताल में भर्ती हो गई तो घर पर खाना कौन बनाएगा. महिला की यह बात सुनकर अस्पताल में मौजूद लोग भी भावुक हो गए.
सीसीटीवी फुटेज से सामने आया बस का पूरा रूट
पुलिस जांच में सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है. अधिकारियों के मुताबिक महिला को आधी रात के करीब सरस्वती विहार बस स्टैंड से बस में खींचा गया था. फुटेज में बस को दीपाली चौक मेट्रो स्टेशन की तरफ जाते हुए देखा गया. इसके बाद बस मंगोलपुरी फ्लाईओवर पार करते हुए पीरगढ़ी की ओर बढ़ी.
जांच में यह भी सामने आया कि बस पीरगढ़ी और उद्योग नगर मेट्रो स्टेशन से गुजरते हुए नांगलोई रेलवे स्टेशन के पास पहुंची थी. दिल्ली पुलिस के अनुसार सरस्वती विहार से नांगलोई तक पहुंचने में बस को करीब 45 मिनट लगे थे.
हालांकि सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि नांगलोई रेलवे रोड पर पहुंचने के बाद बस वहां करीब 90 मिनट से ज्यादा समय तक खड़ी रही. अब पुलिस सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी सबूतों के आधार पर मामले की आगे जांच कर रही है.
महिलाओं की सुरक्षा को लेकर फिर उठे सवाल
इस घटना ने राजधानी दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. चलती बस में हुई इस वारदात ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है. लोगों का कहना है कि सार्वजनिक परिवहन में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत है ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके. फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी की जा रही है.