Deoghar News : देवघर के कुंडा थाना क्षेत्र स्थित चरकी पहाड़ी के पास बने महिला संप्रेक्षण गृह में एक युवती की मौत के मामले ने एक बार फिर प्रशासनिक व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना के बाद गठित जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों को सौंप दी है।प्रशासनिक जांच से जुड़ी जिला कल्याण पदाधिकारी रंजना कुमारी ने बताया कि 5 मई को संप्रेक्षण गृह में रह रही श्रावणी कुमारी नामक युवती की अचानक तबीयत खराब हो गई थी। उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। अधिकारियों के अनुसार मृत युवती विशेष जरूरतों वाली बच्ची थी और उसका पूर्व में रांची स्थित सीआईपी में इलाज भी चल चुका था। पोस्टमार्टम कराया गया है और रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।
लगातार हो रही मौतों से बढ़ी चिंता, एनएचआरसी ने भी मांगी रिपोर्ट
घटना के बाद जिला प्रशासन ने संप्रेक्षण गृह की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने का दावा किया है। प्रशासन का कहना है कि बीमार और मानसिक रूप से अस्वस्थ बच्चियों की निगरानी बढ़ाई गई है तथा अतिरिक्त डॉक्टरों की तैनाती की गई है। साथ ही वहां रहने वाली बच्चियों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण एम्स और सदर अस्पताल में कराया जा रहा है।
इधर इस मामले को लेकर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने भी स्वत: संज्ञान लिया है। आयोग ने झारखंड सरकार और देवघर पुलिस से दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। बताया जा रहा है कि वर्ष 2026 की शुरुआत से अब तक इसी संप्रेक्षण गृह में कई लड़कियों की मौत हो चुकी है, जिससे पूरे मामले को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। मामले की उच्चस्तरीय जांच की संभावना भी जताई जा रही है।