Dhanbad News: धनबाद-चंद्रपुरा (डीसी) रेलखंड पर बुधवार को सोनारडीह रेल केबिन के पास रेल ट्रैक से महज चार मीटर की दूरी पर अचानक जमीन धंसने से गोफ (भूमिगत धंसान) बन गया। समय रहते ट्रैकमैन की सतर्कता से इसकी जानकारी रेलवे अधिकारियों तक पहुंची, जिससे संभावित बड़ा रेल हादसा टल गया।
ट्रैकमैन की सतर्कता से टला बड़ा हादसा
नियमित निरीक्षण के दौरान ड्यूटी पर तैनात ट्रैकमैन ने ट्रैक के पास जमीन धंसी हुई देखी और तत्काल अपने वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी। सूचना मिलते ही रेलवे और बीसीसीएल गोविंदपुर क्षेत्र के अधिकारी मौके पर पहुंचे और पूरे इलाके का निरीक्षण किया।
गोफ की भराई शुरू, ट्रैक पर रखी जा रही नजर
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अधिकारियों ने तुरंत गोफ की भराई का कार्य शुरू कराया, ताकि रेल ट्रैक सुरक्षित रहे और ट्रेनों के संचालन पर कोई खतरा न आए। एहतियात के तौर पर पूरे क्षेत्र की लगातार निगरानी की जा रही है।
प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि लंबे समय से हो रहे कोयला खनन और मिट्टी के कटाव के कारण जमीन धंसने की घटना हुई है। हालांकि, वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच जारी है।
2017 की घटना के बाद फिर बढ़ी डीसी रेलखंड की चिंता
धनबाद-चंद्रपुरा रेलखंड पहले भी भूमिगत आग और सुरक्षा कारणों से चर्चा में रह चुका है। वर्ष 2017 में इस मार्ग पर ट्रेनों का परिचालन बंद करना पड़ा था और करीब दो वर्ष बाद दोबारा संचालन शुरू हुआ था। सोनारडीह के पास गोफ बनने की ताजा घटना के बाद स्थानीय लोगों ने रेलवे और संबंधित एजेंसियों से स्थायी समाधान और सुरक्षा के मजबूत इंतजाम की मांग की है।