Dhanbad News : झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने राज्यसभा चुनाव को लेकर भाजपा पर तीखा हमला बोला है। धनबाद स्थित सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा विधायकों की खरीद-फरोख्त कर राज्यसभा चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश कर रही है।
उन्होंने कहा कि राज्यसभा चुनाव जीतने के लिए भाजपा के पास पर्याप्त संख्या बल नहीं है। इसके बावजूद उम्मीदवार उतारने की तैयारी यह संकेत देती है कि पार्टी लोकतांत्रिक प्रक्रिया के बजाय जोड़-तोड़ और खरीद-फरोख्त के सहारे चुनाव जीतना चाहती है।
महागठबंधन के पास पर्याप्त संख्या बल, कांग्रेस उतारेगी उम्मीदवार
राधाकृष्ण किशोर ने दावा किया कि झारखंड में महागठबंधन पूरी तरह मजबूत स्थिति में है। उन्होंने कहा कि झामुमो, कांग्रेस, राजद और वामदलों को मिलाकर गठबंधन के पास 56 विधायकों का समर्थन है, जबकि राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए 28 मतों की आवश्यकता होती है। ऐसे में महागठबंधन की स्थिति सुरक्षित है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस अपना उम्मीदवार उतारेगी, हालांकि अंतिम निर्णय पार्टी नेतृत्व और आलाकमान स्तर पर लिया जाएगा।
कांग्रेस संगठन और भाषा नियमावली पर भी रखी राय
प्रदेश कांग्रेस संगठन में मतभेदों को लेकर उठ रहे सवालों पर वित्त मंत्री ने कहा कि उनका किसी व्यक्ति विशेष से कोई व्यक्तिगत विवाद नहीं है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक दलों में नीतिगत मतभेद स्वाभाविक होते हैं और यदि कोई मतभेद है भी, तो वह पार्टी की कार्यशैली और नीतियों को लेकर है।
भाषा नियमावली विवाद पर उन्होंने कहा कि यह कोई राजनीतिक विवाद नहीं बल्कि एक प्रशासनिक चूक है, जिसे सुधारने की दिशा में सरकार काम कर रही है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस विषय पर उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है और इसकी अगली बैठक 3 जून को प्रस्तावित है।
उन्होंने कहा कि बिहार से सटे झारखंड के कई जिलों में भोजपुरी, मैथिली और अंगिका जैसी भाषाएं व्यापक रूप से बोली जाती हैं, इसलिए इन भाषाओं को भी उचित सम्मान और स्थान मिलना चाहिए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी छात्र का भविष्य प्रभावित नहीं होना चाहिए और भाषा नियमावली में आवश्यक संशोधन किए जाने चाहिए।