Giridih News: गावां थाना क्षेत्र में मानवता को झकझोर देने वाली एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। यहां रात के अंधेरे में एक नवजात शिशु को सड़क किनारे लावारिस हालत में छोड़ दिया गया। कपड़े में लिपटा मासूम ठंडी रात में काफी देर तक रोता-बिलखता रहा। उसकी आवाज सुनकर स्थानीय ग्रामीण मौके पर पहुंचे और समय रहते उसकी जान बचाई जा सकी।
सड़क किनारे रोते मिले नवजात को देख दंग रह गए ग्रामीण
ग्रामीणों के अनुसार, देर रात सड़क किनारे बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी। शुरुआत में लोगों को लगा कि आवाज आसपास के किसी घर से आ रही होगी, लेकिन जब रोने की आवाज लगातार आती रही तो लोग उस दिशा में पहुंचे। वहां कपड़े में लिपटा एक नवजात शिशु पड़ा मिला, जिसे देखकर सभी हैरान रह गए। बच्चे को तुरंत सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया।
परिजनों की तलाश नाकाम, सूचना मिलते ही हरकत में आई पुलिस
इसके बाद ग्रामीणों ने आसपास बच्चे की मां और परिजनों की तलाश शुरू की, लेकिन काफी खोजबीन के बावजूद कोई जानकारी नहीं मिल सकी। मामले की सूचना स्थानीय समाजसेवियों और गावां थाना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और नवजात को अपने संरक्षण में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू की।
नवजात को लावारिस छोड़ने पर लोगों में आक्रोश
घटना की जानकारी मिलते ही क्षेत्र में लोगों की भीड़ जुट गई। स्थानीय लोगों ने नवजात को इस तरह सड़क किनारे छोड़ने की घटना पर गहरा दुख और नाराजगी जताई। लोगों का कहना है कि जन्म देने के बाद मासूम को इस हालत में छोड़ देना बेहद अमानवीय है। साथ ही बच्चे के सुरक्षित भविष्य को लेकर भी चिंता व्यक्त की गई।
नवजात को लावारिस छोड़ने पर लोगों में आक्रोश
घटना की जानकारी मिलते ही क्षेत्र में लोगों की भीड़ जुट गई। स्थानीय लोगों ने नवजात को इस तरह सड़क किनारे छोड़ने की घटना पर गहरा दुख और नाराजगी जताई। लोगों का कहना है कि जन्म देने के बाद मासूम को इस हालत में छोड़ देना बेहद अमानवीय है। साथ ही बच्चे के सुरक्षित भविष्य को लेकर भी चिंता व्यक्त की गई।
बाल कल्याण समिति को सौंपा जाएगा नवजात
इधर पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। नवजात की मां और उसके परिजनों की पहचान के लिए आसपास के गांवों में पूछताछ की जा रही है तथा सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बच्चे की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और विधिसम्मत प्रक्रिया के तहत उसे जल्द ही बाल कल्याण समिति (CWC) के सुपुर्द किया जाएगा, ताकि उसके पालन-पोषण और भविष्य की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।