Gumla: गुमला में शिक्षा व्यवस्था की स्थिति उस समय खुलकर सामने आ गई, जब जिन बच्चों के हाथों में किताबें और कॉपियां होनी चाहिए, वही छात्र-छात्राएं अपनी पढ़ाई को लेकर सड़क पर उतरने को मजबूर हो गए। मॉडल स्कूल गुमला में शिक्षकों की कमी को लेकर नाराज तीन दर्जन से अधिक छात्र-छात्राएं बुधवार दोपहर चिलचिलाती धूप में शहर के टावर चौक पर पहुंच गए और सड़क जाम कर अपना विरोध दर्ज कराया। यह दृश्य न सिर्फ शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है, बल्कि उन दावों की भी पोल खोलता है, जिनमें मॉडल स्कूलों को बेहतर शिक्षा का केंद्र बताया जाता रहा है।
शिक्षकों की कमी से पढ़ाई पर संकट, छात्रों की नाराजगी
प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने बताया कि उनके विद्यालय में पहले प्रिंसिपल सहित कुल पांच शिक्षक कार्यरत थे, लेकिन एक शिक्षक को हटाए जाने के बाद अब अंग्रेजी शिक्षक को भी हटाने की बात सामने आ रही है। स्कूल में कक्षा 6 से 10वीं तक लगभग 200 छात्र-छात्राएं पढ़ाई कर रहे हैं, जबकि वर्तमान में केवल चार शिक्षक ही मौजूद हैं। छात्रों का कहना है कि अगर एक और शिक्षक हटा दिया गया, तो उनकी पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित होगी और उनके भविष्य पर भी इसका सीधा असर पड़ेगा, जिसे लेकर वे काफी चिंतित और नाराज हैं।
प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत
घटना की सूचना मिलते ही जिला परिवहन पदाधिकारी ज्ञानशंकर जायसवाल और थाना प्रभारी महेंद्र करमाली मौके पर पहुंचे और छात्रों से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास किया। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि जल्द ही एक टीम स्कूल जाकर पूरे मामले की जांच करेगी और शिक्षकों की कमी को लेकर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। साथ ही उन्होंने छात्रों को तेज धूप में सड़क पर खड़े रहने से होने वाले स्वास्थ्य जोखिम के बारे में भी समझाया, जिसके बाद छात्र-छात्राएं प्रशासन के आश्वासन पर शांत हुए और वापस अपने स्कूल लौट गए।