Jamshedpur: बिष्टुपुर थाना क्षेत्र के धातकीडीह स्थित कुरैशी मोहल्ला में हुई फायरिंग की घटना का पुलिस ने सफलतापूर्वक खुलासा कर दिया है। इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। यह कांड 3 मई 2026 को दर्ज किया गया था, जिसमें जान से मारने की नीयत से गोली चलाने का आरोप लगाया गया था। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया था, जिसे देखते हुए पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की।
गुप्त सूचना के आधार पर हुई गिरफ्तारी
पुलिस के मुताबिक, वादी सरफराज कुरैशी उर्फ गामा के बयान के आधार पर मामला दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई गई। जांच के दौरान पुलिस को गुप्त सूचना मिली, जिसके आधार पर नामजद आरोपी मो. इमरान उर्फ गोरे और महफूज आलम को उस समय गिरफ्तार किया गया, जब वे शहर छोड़कर भागने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से दोनों को पकड़ने में सफलता मिली।
पुरानी रंजिश बनी फायरिंग की वजह
पूछताछ में यह बात सामने आई कि वादी और मुख्य आरोपी इमरान के बीच पहले से ही आपसी विवाद चल रहा था। घटना से एक दिन पहले दोनों के बीच कहासुनी हुई थी, जिसने हिंसक रूप ले लिया। इसी रंजिश के चलते आरोपी ने आजादनगर इलाके से हथियार की व्यवस्था की और फायरिंग की वारदात को अंजाम दिया।
हथियार और अन्य सामान बरामद
पुलिस ने आरोपियों के पास से एक देशी ऑटोमैटिक पिस्टल, 7.65 एमएम की एक जिंदा गोली, एक इस्तेमाल किया हुआ खोखा और बिना नंबर प्लेट की एक बाइक बरामद की है। इन बरामद सामानों से घटना की पुष्टि भी होती है और जांच को आगे बढ़ाने में मदद मिल रही है।
आरोपी का आपराधिक इतिहास, जांच जारी
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मुख्य आरोपी इमरान उर्फ गोरे का पहले से आपराधिक रिकॉर्ड रहा है और उसके खिलाफ कई मामले दर्ज हैं। फिलहाल दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस अब इस मामले के अन्य पहलुओं की भी गहराई से जांच कर रही है, ताकि घटना से जुड़े हर तथ्य को सामने लाया जा सके।