Jamshedpur News: जमशेदपुर में यात्री ट्रेनों की लेटलतीफी के खिलाफ चल रहे आंदोलन को अब नया रूख मिल गया है। समीक्षा बैठक के बाद यह तय किया गया कि आगे का आंदोलन “रेल यात्री संघर्ष समिति” के बैनर तले संचालित किया जाएगा। इस समिति के संयोजक शिवशंकर सिंह हैं। बिष्टुपुर स्थित मिलानी हॉल में हुई इस बैठक में विधायक सरयू राय ने साफ कहा कि उनकी एकमात्र मांग है की टाटानगर से चलने वाली यात्री ट्रेनें समय पर चलें और समय पर पहुंचें।
सरयू राय ने कहा मालगाड़ी नहीं, समय पर यात्री ट्रेन जरूरी
सरयू राय ने रेलवे व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि मालगाड़ियों की संख्या घटे या बढ़े, इससे ज्यादा जरूरी है कि यात्री ट्रेनें समय पर चलें। उन्होंने आरोप लगाया कि रेलवे अधिकारी 7 अप्रैल के धरने को टालना चाहते थे ताकि बदनामी न हो। सरयू राय ने यह भी कहा कि टाटानगर में ट्रेनों का ठहराव औसतन सिर्फ 5 मिनट का होता है, जिसे सही तरीके से मैनेज कर लिया जाए तो लेटलतीफी काफी हद तक खत्म हो सकती है।
सिस्टम पर सवाल, ऐप से गायब हो रही ट्रेनें
बैठक में रेलवे के तकनीकी सिस्टम पर भी सवाल उठाए गए। सरयू राय ने बताया कि NTES ऐप पर ट्रेनों की सही जानकारी नहीं मिल रही है, जबकि प्राइवेट ऐप्स में देरी स्पष्ट दिखाई देती है। उन्होंने आरोप लगाया कि रेक संचालन और मालगाड़ियों के जरिए भ्रष्टाचार हो रहा है और कुछ अधिकारियों की “जेब गर्म” हो रही है। साथ ही सुझाव दिया गया कि मालगाड़ियों को कुछ समय रोककर यात्री ट्रेनों को प्राथमिकता दी जाए।
आंदोलन को जन आंदोलन बनाने की तैयारी
संयोजक शिवशंकर सिंह ने कहा कि यह मुद्दा किसी राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि आम जनता का है और इसे जन आंदोलन का रूप दिया जाएगा। बैठक में सुझाव दिया गया कि अनशन, अल्टीमेटम और सोशल मीडिया के जरिए दबाव बनाया जाए। साथ ही जमशेदपुर के अलावा चाकुलिया, घाटशिला और चक्रधरपुर के लोगों को भी इस संघर्ष में शामिल करने की बात कही गई। सभी ने माना कि यह लंबी लड़ाई है, जिसके लिए धैर्य और एकजुटता जरूरी है।