Jamshedpur News: जमशेदपुर के परसुडीह थाना स्थित गदड़ा में सोमवार को सेंदरा पर्व को लेकर अहम बैठक आयोजित हुई। ये बैठक दलमा राजा राकेश हेंब्रम के आवास पर हुई, जहां वन विभाग और दलमा बुरू सेंदरा समिति के बीच शिकार पर्व को लेकर मतभेद खुलकर सामने आए।
वन विभाग की अपील, परंपरा निभाएं, लेकिन शिकार से बचें
बैठक में वन विभाग ने साफ तौर पर अपील की कि सेंदरा के दौरान किसी भी जंगली जानवर का शिकार न किया जाए। विभाग ने कहा कि आदिवासी समाज पारंपरिक रूप से पर्व जरूर मनाए, लेकिन कानून का पालन जरूरी है। जाल, बंदूक या आधुनिक हथियारों के इस्तेमाल से बचने की सख्त निर्देश दिया गया है। रेंजर दिनेश चंद्र ने परंपरा और प्रकृति के बीच संतुलन बनाए रखने पर जोर दिया।
दलमा राजा का दो टूक रुख, परंपरा से समझौता नहीं
वहीं दलमा राजा राकेश हेंब्रम ने स्पष्ट कहा कि सेंदरा पर्व में शिकार की परंपरा सदियों पुरानी है और इसे रोका नहीं जा सकता। उन्होंने मांग की कि शिकार में शामिल लोगों को रास्ते में रोका-टोका न जाए और चेकनाकों पर किसी तरह की बाधा न हो। साथ ही, तलहटी में जुटने वाले लोगों के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की बात भी कही।
27 अप्रैल को सेंदरा, बढ़ सकती है संवेदनशीलता
बताया गया कि इस वर्ष 27 अप्रैल को दलमा में सेंदरा पर्व मनाया जाएगा, जबकि 25 अप्रैल को दलमा राजा गदड़ा से रवाना होंगे और फदलोगोड़ा में सभी लोग एकत्रित होकर पूजा के बाद पर्व की शुरुआत करेंगे। बैठक के बावजूद परंपरा और कानून के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है, जिससे आने वाले दिनों में माहौल संवेदनशील रह सकता है।