Jamshedpur: जमशेदपुर की लाइफलाइन कहे जाने वाले मानगो क्षेत्र में शनिवार को यातायात व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त नजर आई। दोपहर के समय मानगो चौक से लेकर गांधी मैदान तक वाहनों का ऐसा हुजूम उमड़ा कि मुख्य सड़कें विशाल पार्किंग लॉट में तब्दील हो गईं। जाम की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मानगो चौक से शुरू हुई वाहनों की लंबी कतारें डिमना रोड और ओल्ड पुरुलिया रोड के भीतरी हिस्सों तक जा पहुंची। भीषण गर्मी और सड़कों पर घंटों फंसे रहने के कारण बाइक सवारों से लेकर कार चालकों तक का बुरा हाल रहा, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
पीक ऑवर में चरमराई व्यवस्था, स्कूल बस से लेकर एम्बुलेंस तक फंसी
दोपहर के वक्त जब स्कूल की छुट्टी और कार्यालयों के काम का दबाव एक साथ बढ़ा, तब अचानक यातायात का बोझ मानगो पुल और चौक पर बढ़ गया। देखते ही देखते सड़कों पर कार, बस, ऑटो और दोपहिया वाहनों की कतारें मील लंबी हो गईं। इस जाम की मार सबसे ज्यादा उन स्कूली बच्चों पर पड़ी जो चिलचिलाती धूप में बसों के भीतर फंसे रहे। वहीं, ड्यूटी पर जाने वाले कर्मचारी और अस्पताल की ओर जाने वाले मरीज भी घंटों तक सड़कों पर रेंगते नजर आए। कई राहगीरों ने बताया कि जो सफर महज 10 मिनट में तय हो जाना चाहिए था, उसे पूरा करने में डेढ़ से दो घंटे का समय लग गया, जिसके कारण लोगों को भारी मानसिक और शारीरिक परेशानी का सामना करना पड़ा।
फ्लाईओवर निर्माण और संकरी सड़कें बनीं जाम की मुख्य वजह
स्थानीय निवासियों और नियमित यात्रियों का कहना है कि मानगो में जाम अब एक स्थायी समस्या बनती जा रही है। वर्तमान में मानगो में चल रहे फ्लाईओवर निर्माण कार्य ने इस समस्या को और अधिक विकराल बना दिया है। निर्माण सामग्री और सुरक्षा घेराबंदी (बैरिकेडिंग) के कारण सड़कों की चौड़ाई काफी कम हो गई है, जिससे भारी वाहनों के मुड़ने और गुजरने की जगह सीमित हो गई है। इसके अलावा, सड़कों के किनारे खड़े बेतरतीब वाहनों और बढ़ते अतिक्रमण ने भी आग में घी डालने का काम किया है। शनिवार को ट्रैफिक पुलिस के जवानों की तैनाती के बावजूद वाहनों का दबाव इतना अधिक था कि सिग्नल व्यवस्था भी बेअसर साबित हुई।
प्रशासन से राहत की पुकार, ठोस रणनीति बनाने की मांग
मानगो की इस नारकीय स्थिति से तंग आकर स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और यातायात विभाग से कड़े कदम उठाने की अपील की है। लोगों की मांग है कि फ्लाईओवर निर्माण कार्य को युद्धस्तर पर पूरा किया जाए और निर्माण के दौरान वैकल्पिक रास्तों को व्यवस्थित किया जाए ताकि आम जनता को राहत मिल सके। साथ ही, मानगो चौक जैसे महत्वपूर्ण स्थान पर अतिरिक्त ट्रैफिक फोर्स की तैनाती और बड़े वाहनों के प्रवेश के समय में बदलाव की भी मांग उठ रही है।