Jharkhand News: विधायक समीर समीर कुमार मोहंती ने विधानसभा में कई मुद्दों के साथ केंद्र सरकार पर निशाना साधा, उन्होंने कहा कि बजट केवल वित्तीय दस्तावेज नहीं, बल्कि दलितों, मजदूरों, गरीबों, अल्पसंख्यकों और महिलाओं की उम्मीदों से जुड़ा दस्तावेज है। मोहंती ने आरोप लगाते हुए कहा कि आज के माहौल में सवाल पूछना देशद्रोह, नौकरी मांगना विद्रोह और अपने अधिकारों की मांग करना भी गलत माना जा रहा है। उनके अनुसार, जनता को अपने अधिकार मांगने पर भी कठघरे में खड़ा किया जा रहा है। उनका कहना था कि जनता की बुनियादी जरूरतों को पूरा करना विकास बताया जा रहा है।
महिला सुरक्षा के मुद्दे पर उठाए सवाल
मोहंती का कहना है कि सरकार भले ही बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ जैसे नारे लगाती है मगर असल में कई राज्यों में महिलाओं के खिलाफ अपराध लगातार बढ़ रहे हैं और कई मामलों में बड़ी संख्या में महिलाएं लापता हुई हैं। उन्होंने मध्यप्रदेश की एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि वहां 14 वर्षीय दलित किशोर को केवल सवाल पूछने के कारण जेल भेज दिया गया था, जो लोकतंत्र के लिए चिंता का विषय है।
मोहंती ने यह भी कहा कि दुनिया नई तकनीक और विज्ञान के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रही है। चीन, जापान और अमेरिका जैसे देश 6G, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोबोटिक्स जैसी तकनीकों में आगे बढ़ रहे हैं। इसके विपरीत भारत में अभी भी धर्म और जाति के मुद्दों पर अधिक राजनीति हो रही है।
उन्होंने केंद्र सरकार के पुराने वादों का जिक्र करते हुए कहा कि दो करोड़ नौकरियां देने, विदेशों से काला धन वापस लाने और किसानों की आय दोगुनी करने जैसे कई वादे अब तक पूरे नहीं हुए हैं।
शिक्षा व्यवस्था बात करते हुए उन्होंने कहा कि कई जगहों पर स्कूल बंद होने और बच्चे पढाई छोड़ रहे हैं। लोकतंत्र में लोगों को अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने का अधिकार है और इसे गलत ठहराना उचित नहीं है।