Jharkhand: गढ़वा जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। भंडरिया अंचल कार्यालय में पदस्थापित राजस्व उप निरीक्षक शिवपत राम को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कदम उपायुक्त दिनेश यादव के निर्देश पर उठाया गया।
जनता दरबार में मिली शिकायत के बाद हरकत में आया प्रशासन
3 फरवरी को आयोजित जनता दरबार में एक व्यक्ति ने लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि मौजा जनेवा स्थित जमीन (खाता संख्या 111, प्लॉट संख्या 863, रकबा 4.28 एकड़) से संबंधित जांच रिपोर्ट अग्रसारित करने के एवज में राजस्व उप निरीक्षक ने 10 हजार रुपये की मांग की थी।
शिकायतकर्ता ने अपने आरोपों के समर्थन में कॉल रिकॉर्डिंग भी प्रशासन को सौंपी थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए उपायुक्त ने तत्काल जांच के आदेश दिए।
जांच में सही पाए गए आरोप
मामले की जांच अपर समाहर्ता राज महेश्वरम को सौंपी गई। जांच के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों और संबंधित कर्मचारी के बयान के आधार पर आरोपों को सही पाया गया। सूत्रों के अनुसार, कर्मचारी ने अपने स्पष्टीकरण में पैसे मांगने की बात स्वीकार भी की।
सरकारी सेवा नियमों के तहत यह कृत्य गंभीर अनियमितता माना गया। इसके बाद झारखंड सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली 2016 के प्रावधानों के अनुसार उन्हें निलंबित कर दिया गया।
निलंबन अवधि में तय किया गया नया मुख्यालय
निलंबन के दौरान शिवपत राम का मुख्यालय अंचल कार्यालय खरौंधी निर्धारित किया गया है। उन्हें वहां प्रतिदिन उपस्थिति दर्ज करनी होगी। इस अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा।
साथ ही भंडरिया के अंचल अधिकारी को निर्देश दिया गया है कि शीघ्र ही आरोप पत्र तैयार कर विभागीय कार्यवाही प्रारंभ की जाए, ताकि मामले का निष्पक्ष और समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित हो सके।
भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति
उपायुक्त दिनेश यादव ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि जिले में भ्रष्टाचार किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि यदि कोई भी सरकारी कर्मचारी कार्य के बदले पैसे की मांग करता है, तो बिना किसी भय के इसकी सूचना प्रशासन को दें।
प्रशासन का कहना है कि पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए ऐसे मामलों में त्वरित और कड़ी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
साथ ही भंडरिया के अंचल अधिकारी को निर्देश दिया गया है कि जल्द से जल्द आरोप पत्र बनाकर विभागीय कार्रवाई शुरू करें। उपायुक्त दिनेश यादव ने साफ कहा है कि जिले में भ्रष्टाचार बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने लोगों से अपील की है कि अगर कोई भी सरकारी कर्मचारी पैसे की मांग करता है तो बिना डर प्रशासन को इसकी जानकारी दें।