Jharkhand News: पोरबंदर-शालीमार साप्ताहिक सुपरफास्ट एक्सप्रेस में सफर के दौरान 66 वर्षीय सर्कस कलाकार ज्ञानेंद्र नाथ बनर्जी की मौत हो गई. ट्रेन के चक्रधरपुर स्टेशन पहुंचने पर जीआरपी ने शव को उतारकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की. बाद में परिजनों के पहुंचने पर शव उन्हें सौंप दिया गया.
सफर के दौरान बिगड़ी तबीयत
रेलवे सूत्रों के अनुसार, पश्चिम बंगाल के वीरभूम निवासी ज्ञानेंद्र नाथ बनर्जी गुजरात के जामनगर में संचालित एसीआर सर्कस में कलाकार थे. कार्यक्रम समाप्त होने के बाद वह ट्रेन से अपने घर लौट रहे थे. गुरुवार देर रात राउरकेला के पास उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और उन्हें सांस लेने में परेशानी होने लगी. कुछ ही देर बाद उनकी मौत हो गई. घटना की जानकारी यात्रियों ने ट्रेन स्टाफ को दी.
परिजनों ने पोस्टमार्टम से किया इनकार
रात करीब 2.15 बजे ट्रेन के चक्रधरपुर स्टेशन पहुंचने पर जीआरपी ने शव को प्लेटफॉर्म पर उतार लिया और परिजनों को सूचना दी. परिवार के सदस्य चक्रधरपुर पहुंचे और बताया कि 6 जुलाई को सर्कस के दौरान भी उनकी तबीयत खराब हुई थी. इलाज के बाद डॉक्टरों ने उन्हें घर लौटने की सलाह दी थी.
कानूनी प्रक्रिया पूरी कर शव सौंपा गया
परिजनों ने इसे सामान्य मौत बताते हुए पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया और लिखित आवेदन दिया. इसके बाद जीआरपी ने जरूरी औपचारिकताएं पूरी कर शव परिवार को सौंप दिया. समाचार लिखे जाने तक मामले में किसी तरह की संदिग्ध परिस्थिति की जानकारी सामने नहीं आई थी.