Jharkhand News : जिले में आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति में सुधार लाने के उद्देश्य से प्रशासन ने एक अहम पहल शुरू की है। इसके तहत अब कई आंगनबाड़ी केंद्रों को बंद पड़े सरकारी स्कूलों में शिफ्ट करने की योजना बनाई गई है। इस दिशा में सर्वेक्षण कार्य भी शुरू कर दिया गया है, ताकि उपयुक्त भवनों की पहचान की जा सके।
बच्चों को मिलेगा बेहतर वातावरण, सर्वेक्षण की प्रक्रिया शुरू
जिले के कई आंगनबाड़ी केंद्र फिलहाल किराए के भवनों या अस्थायी स्थानों में संचालित हो रहे हैं, जहां पर्याप्त जगह, सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। बच्चों के बैठने, पढ़ने और पोषण सेवाओं के संचालन में भी कठिनाइयां आती हैं। इन समस्याओं को देखते हुए प्रशासन ने बंद पड़े स्कूल भवनों का उपयोग करने का निर्णय लिया है।
प्रशासन द्वारा ऐसे सरकारी स्कूलों की पहचान की जा रही है, जो लंबे समय से बंद हैं या जिनका उपयोग नहीं हो रहा है। सर्वे टीम इन भवनों की स्थिति, सुरक्षा, पहुंच मार्ग, पानी और शौचालय जैसी सुविधाओं का मूल्यांकन कर रही है, ताकि आंगनबाड़ी संचालन के लिए उपयुक्त स्थानों का चयन किया जा सके।
चरणबद्ध तरीके से होगा स्थानांतरण
आंगनबाड़ी केंद्रों को स्कूल भवनों में स्थानांतरित करने से बच्चों को बेहतर और सुरक्षित वातावरण मिलेगा। उन्हें पर्याप्त जगह, साफ-सफाई और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इससे न सिर्फ प्रारंभिक शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि पोषण और स्वास्थ्य सेवाओं का संचालन भी सुचारू रूप से किया जा सकेगा।
प्रशासन का कहना है कि सर्वेक्षण पूरा होने के बाद चयनित भवनों में चरणबद्ध तरीके से आंगनबाड़ी केंद्रों को शिफ्ट किया जाएगा। इसके लिए आवश्यक मरम्मत और व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी, ताकि केंद्र सुचारू रूप से चल सकें।
इस योजना को सफल बनाने के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों और समुदाय के सहयोग को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे इस पहल में सहयोग करें, ताकि छोटे बच्चों को बेहतर शिक्षा और पोषण सुविधाएं मिल सकें।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से न सिर्फ आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति में सुधार होगा, बल्कि सरकारी संसाधनों का बेहतर उपयोग भी हो सकेगा। बंद पड़े स्कूलों का पुनः उपयोग होने से बुनियादी ढांचे का संरक्षण भी होगा और बच्चों को गुणवत्तापूर्ण सेवाएं मिलेंगी।