Jharkhand: झारखंड में नए आपराधिक कानूनों के तहत अनुसंधान प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाने की दिशा में पुलिस विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। अब समन जारी करने से लेकर उसके तामिला तक की पूरी प्रक्रिया को इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से संचालित करने की तैयारी की जा रही है। इस संबंध में पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों को दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।
कोर्ट से थाना तक डिजिटल माध्यम से होगी पूरी प्रक्रिया
नई व्यवस्था लागू होने के बाद न्यायालय द्वारा जारी समन सीधे डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए संबंधित थाने तक पहुंचेगा और वहीं से उसकी तामिला की प्रक्रिया भी ऑनलाइन माध्यम से पूरी की जाएगी। इससे पारंपरिक कागजी प्रक्रिया में लगने वाले समय की बचत होगी और मामलों की जांच निर्धारित 60 या 90 दिनों की समयसीमा के भीतर पूरी करने में मदद मिलेगी।
एनआईसी ने तैयार किया विशेष एप और मोबाइल ऐप
इस प्रणाली को लागू करने के लिए राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) ने एक विशेष सॉफ्टवेयर और मोबाइल एप्लिकेशन विकसित किया है। इसके माध्यम से समन से जुड़ी सभी जानकारी और प्रक्रिया को डिजिटल रूप से संचालित किया जाएगा।
हर जिले में एक थाना करेगा परीक्षण
पुलिस मुख्यालय ने सभी वरीय पुलिस अधीक्षक और पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने जिले में एक-एक थाने का चयन कर इस नई प्रणाली का परीक्षण कराएं। चयनित थाने के प्रभारी और एक जांच अधिकारी इस सिस्टम का उपयोग कर इसकी कार्यप्रणाली की समीक्षा करेंगे।
रिपोर्ट के आधार पर होगा राज्यव्यापी लागू
परीक्षण के बाद संबंधित अधिकारी निर्धारित प्रारूप में अपनी रिपोर्ट जिला नोडल पदाधिकारी को सौंपेंगे। इसके बाद नोडल पदाधिकारी संतुष्टि के पश्चात रिपोर्ट को आगे बढ़ाएंगे, जिसे 7 अप्रैल 2026 तक पुलिस मुख्यालय को भेजना अनिवार्य किया गया है। रिपोर्ट के आधार पर उपयोगकर्ता स्वीकृति प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा और फिर इस प्रणाली को पूरे राज्य में लागू कर दिया जाएगा।
परीक्षण के दौरान डाटा रहेगा सुरक्षित
पुलिस मुख्यालय ने स्पष्ट किया है कि ट्रायल के दौरान उपयोग में लाया गया डाटा केवल नमूना होगा और इसका किसी भी वास्तविक सर्वर या केस से सीधा संबंध नहीं रहेगा।
इस नई डिजिटल पहल से झारखंड पुलिस की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और गति दोनों बढ़ने की उम्मीद है, जिससे न्याय प्रक्रिया को भी मजबूती मिलेगी।