Jharkhand Politics: झारखंड भाजपा ने परिसीमन को लेकर चल रही राजनीतिक बहस के बीच विपक्षी दलों पर जनता को भ्रमित करने का आरोप लगाया है. पार्टी का कहना है कि परिसीमन किसी राजनीतिक दल की इच्छा से नहीं, बल्कि संविधान में तय प्रावधानों के तहत होने वाली लोकतांत्रिक प्रक्रिया है. इसलिए बिना आधिकारिक तथ्यों के आशंकाएं खड़ी करना उचित नहीं है.
राजनीतिक लाभ के लिए फैलाया जा रहा भ्रम
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता मृत्युंजय शर्मा ने कहा कि कुछ दल अपने सीमित राजनीतिक हितों को साधने के लिए परिसीमन को विवाद का विषय बना रहे हैं. उन्होंने कहा कि संविधान का उद्देश्य जनसंख्या के अनुरूप संसदीय और विधानसभा क्षेत्रों का संतुलित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना है, इसलिए समय-समय पर परिसीमन आवश्यक प्रक्रिया है.
दो बार टल चुकी है प्रक्रिया
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर यह प्रक्रिया पहले ही दो बार 25-25 वर्ष के लिए स्थगित की जा चुकी है. अब संवैधानिक व्यवस्था के अनुरूप इसे आगे बढ़ाना जरूरी है, ताकि प्रत्येक मतदाता के वोट का महत्व अधिक समान हो और लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व न्यायपूर्ण तरीके से सुनिश्चित किया जा सके.
जनगणना पूरी होने से पहले बहस को बताया अनुचित
मृत्युंजय शर्मा ने कहा कि अभी देश में जनगणना की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है और न ही उसके आधिकारिक आंकड़े जारी हुए हैं. ऐसे में संभावित परिसीमन को लेकर अलग-अलग दावे करना और जनता के बीच भ्रम फैलाना गैर-जिम्मेदाराना है. उन्होंने कहा कि आधिकारिक आंकड़ों के अभाव में किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना केवल राजनीतिक बयानबाजी है.
संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान जरूरी
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि परिसीमन किसी राज्य, क्षेत्र या समुदाय के खिलाफ नहीं, बल्कि पूरे देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था को अधिक संतुलित बनाने की संवैधानिक व्यवस्था है. उन्होंने कहा कि इस विषय पर चर्चा तथ्यों और आधिकारिक आंकड़ों के आधार पर होनी चाहिए, न कि अफवाहों और राजनीतिक स्वार्थ के आधार पर. साथ ही उन्होंने सभी दलों से संविधान और संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान करने की अपील की.