Jharkhand Politics: राजधानी रांची में आयोजित एक प्रेस वार्ता में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने राज्य सरकार द्वारा विधानसभा में पेश किए गए बजट पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने बजट को “दिशाहीन” बताते हुए कहा कि इसमें झारखंड के समग्र विकास की कोई स्पष्ट रूपरेखा नजर नहीं आती।
“10 हजार करोड़ के मामले पर चुप क्यों है सरकार?”
आदित्य साहू ने आरोप लगाया कि 10 हजार करोड़ रुपये के कथित गबन के मुद्दे पर सरकार अब तक स्पष्ट जवाब देने में असफल रही है। उनका कहना था कि इतने बड़े वित्तीय मामले पर सरकार की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है। उन्होंने यह भी टिप्पणी की कि जब वित्त मंत्री विधानसभा में बजट भाषण पढ़ रहे थे, तब मुख्यमंत्री की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं दिखी। उनके अनुसार, यह सरकार के भीतर असहमति का संकेत हो सकता है।
1.36 लाख करोड़ की बकाया राशि का ब्यौरा मांगा
प्रदेश अध्यक्ष ने 1 लाख 36 हजार करोड़ रुपये की कथित बकाया राशि का पूरा विवरण सार्वजनिक करने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि यह राशि किन-किन विभागों या मदों में बकाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य की जनता को वास्तविक स्थिति से अवगत नहीं कराया जा रहा है।
बच्चों के मुद्दे पर भी उठाए सवाल
आदित्य साहू ने राज्य में लापता बच्चों के मुद्दे को भी गंभीरता से उठाया। उन्होंने दावा किया कि झारखंड से हजारों बच्चे लापता हुए हैं और भाजपा के आंदोलन के कारण ही कई बच्चों की घर वापसी संभव हो सकी। उनका कहना था कि सरकार भले ही इस बजट को “बाल बजट” बता रही हो, लेकिन बच्चों के कल्याण के लिए कोई ठोस और स्पष्ट प्रावधान नजर नहीं आता।
चुनावी वादों पर भी घेरा
उन्होंने सरकार को उसके चुनावी वादों की याद दिलाते हुए कहा कि 400 रुपये में गैस सिलेंडर देने का वादा किया गया था, लेकिन बजट में इसका कोई जिक्र नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने DMFT फंड के कथित दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कहा कि विकास कार्यों के बजाय अधिकारियों के आवासों पर खर्च किया जा रहा है।
“पिछला बजट भी पूरा खर्च नहीं हुआ”
आदित्य साहू ने यह भी कहा कि पिछले बजट की राशि पूरी तरह खर्च नहीं हो पाई है। ऐसे में सरकार को यह बताना चाहिए कि आवंटित धनराशि कहां और किन विभागों में उपयोग की गई।
अंत में उन्होंने कहा कि यह बजट राज्य की जनता की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरता और सरकार को पारदर्शिता के साथ सभी सवालों का जवाब देना चाहिए।