Jharkhand Politics: बिहार विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने रविवार को रांची के कार्निवल हॉल में आयोजित सम्मान समारोह के जरिए झारखंड की राजनीति में मौजूदगी का अहसास कराया है. तेजस्वी ने साफ शब्दों में विरोधियों को चेतावनी देते हुए कहा कि राष्ट्रीय जनता दल (RJD) झारखंड की सियासत में एक ऐसी मजबूत धुरी है, जिसे कोई भी ताकत नजरअंदाज (Ignore) नहीं कर सकती. उन्होंने विरोधियों पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जो लोग पार्टी को तोड़ने का मुंगेरीलाल का हसीन सपना देख रहे हैं, वे जान लें कि यह जमीन से जुड़े नेता लालू प्रसाद यादव की बनाई हुई पार्टी है, जो किसी के डराने या बहकाने से टूटने वाली नहीं है.
दलबदल करने वाले नेताओं पर तंज कसते हुए तेजस्वी ने कहा कि अन्नपूर्णा देवी के पाला बदलकर भाजपा में चले जाने से राजद की सेहत पर रत्ती भर भी फर्क नहीं पड़ा है और न ही पार्टी कमजोर हुई है. उन्होंने चुनावी आंकड़ों की कड़क नजीर देते हुए बताया कि साल 2020 में पार्टी को 1 करोड़ 70 लाख वोट मिले थे, जो बढ़ चढ़कर 1 करोड़ 90 लाख तक पहुंच गए हैं. झारखंड में पिछली बार 7 में से 4 सीटें जीतकर राजद ने अपनी असली ताकत दिखा दी थी. उन्होंने बिना लाग-लपेट के कहा कि अगर गठबंधन में पार्टी को सम्मानजनक सीटें मिलतीं, तो चुनावी नतीजे और भी ज्यादा चौंकाने वाले होते.
मशीन और धनतंत्र के खिलाफ जंग, गुरुजी और हेमंत के साथ रहेगा अटूट गठबंधन
तेजस्वी यादव ने भारतीय जनता पार्टी को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि यह पूरी लड़ाई सीधे तौर पर "जनतंत्र बनाम धनतंत्र" की है. भाजपा सरकारी मशीनरी और बेहिसाब पैसे का दुरुपयोग करने के बावजूद राजद के बढ़ते जनाधार को रोक पाने में पूरी तरह नाकाम साबित हुई है. तेजस्वी ने कड़ा सियासी संदेश देते हुए स्पष्ट किया कि वे झारखंड आंदोलन के प्रणेता “गुरुजी” (शिबू सोरेन) का दिल से सम्मान करते हैं और राज्य से भाजपा को उखाड़ फेंकने के लिए वे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ चट्टानी मजबूती से कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहेंगे.