Kedarnath: उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में मौसम ने करवट बदल ली है। केदारनाथ धाम और पूरी केदारघाटी सीजन की पहली भारी बर्फबारी की सफेद चादर से ढकी हुई है। जहां एक ओर हाड़ कंपाने वाली ठंड ने जनजीवन की रफ्तार धीमी कर दी है, वहीं भारतीय तिब्बत सीमा पुलिस और उत्तराखंड पुलिस के जवान मुस्तैदी के साथ अपनी ड्यूटी पर तैनात हैं।
बर्फीले तूफान के बीच सुरक्षा का पहरा
केदारनाथ धाम में पिछले 24 घंटों से रुक-रुक कर हो रही बर्फबारी के कारण चारों ओर कई फीट बर्फ जमा हो गई है। तापमान गिरकर शून्य से नीचे (-5°C से -8°C तक) पहुंच चुका है। इन चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी आईटीबीपी और स्थानीय पुलिस के जवान लगातार गश्त कर रहे हैं। जवानों का मुख्य फोकस धाम की सुरक्षा सुनिश्चित करने और पैदल मार्गों से बर्फ हटाकर आवागमन को सुचारू बनाए रखने पर है।
प्रशासन हाई अलर्ट पर
बढ़ती ठंड और बर्फीली हवाओं को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग हाई अलर्ट पर है। मुख्य रास्तों और मंदिर परिसर से लगातार बर्फ हटाई जा रही है ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में आवाजाही बाधित न हो। मंदिर की संपत्ति और वहां मौजूद ढांचों की सुरक्षा के लिए जवानों की तैनाती बढ़ाई गई है।ड्यूटी पर तैनात कर्मियों के लिए विशेष गर्म कपड़ों और रसद की पर्याप्त व्यवस्था की गई है।
श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के लिए चेतावनी
उत्तराखंड पुलिस ने खराब मौसम को देखते हुए यात्रियों और स्थानीय निवासियों के लिए एडवाइजरी जारी की है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जब तक मौसम में सुधार नहीं होता, तब तक अनावश्यक यात्रा से बचें। फिसलन भरे रास्तों पर दुर्घटना का खतरा बना हुआ है, इसलिए अत्यधिक सावधानी बरतने की अपील की गई है।