National News: कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने केंद्र सरकार पर दो अलग-अलग मुद्दों को लेकर निशाना साधा है. उन्होंने एक ओर ग्रेट निकोबार आइलैंड परियोजना को पर्यावरण के लिए खतरा बताया, वहीं दूसरी ओर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर राजनीतिक हमला बोला.
जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि ग्रेट निकोबार में प्रस्तावित ट्रांसशिपमेंट पोर्ट परियोजना से बड़े पैमाने पर पर्यावरण को नुकसान पहुंच सकता है.
16 हजार से ज्यादा कोरल कॉलोनियों पर खतरे का दावा
कांग्रेस नेता ने कहा कि गलाथिया बे में बनने वाले ट्रांसशिपमेंट पोर्ट के कारण समुद्री पारिस्थितिकी पर गंभीर असर पड़ सकता है. उन्होंने दावा किया कि परियोजना क्षेत्र में मौजूद 16 हजार से ज्यादा कोरल कॉलोनियां प्रभावित हो सकती हैं.
उन्होंने कहा कि जूलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (ZSI) इन कोरल कॉलोनियों को दूसरी जगह स्थानांतरित करने के लिए अंडमान-निकोबार प्रशासन से अनुमति मांग सकता है.
"पर्यावरण विनाश की ओर बढ़ रही परियोजना"
जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि यह परियोजना पर्यावरण संरक्षण के लिहाज से बेहद गंभीर चिंता का विषय है. उन्होंने इसे कथित तौर पर "मोदानी साम्राज्य" के विस्तार से जोड़ते हुए केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए.
अमित शाह पर भी साधा निशाना
कांग्रेस महासचिव ने गृह मंत्री अमित शाह पर विपक्ष को कमजोर करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि सरकार लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने की कोशिश कर रही है.
रमेश ने दावा किया कि केंद्र सरकार विपक्षी दलों के निर्वाचित नेताओं को अपने साथ जोड़ने की कोशिश कर रही है. उन्होंने कहा कि कई नेता कथित राजनीतिक दबाव और प्रलोभन के कारण भाजपा में शामिल हो रहे हैं.
कांग्रेस ने उठाए लोकतंत्र को लेकर सवाल
जयराम रमेश ने कहा कि केंद्र सरकार को पर्यावरण और लोकतांत्रिक मूल्यों दोनों मुद्दों पर जवाब देना चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनता से जुड़े अहम सवालों से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है.