National News: देश की राजधानी दिल्ली के साकेत इलाके में रविवार तड़के हुए एक भीषण हादसे ने हर किसी को स्तब्ध कर दिया। एक बहुमंजिला इमारत अचानक ढह गई, जिसके मलबे में फंसकर दो मेडिकल छात्रों की जान चली गई। हादसे में कई अन्य लोग घायल हुए हैं, जबकि कुछ लोगों के अब भी मलबे में दबे होने की आशंका के बीच राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है। इस घटना ने मेडिकल छात्रों, उनके परिवारों और पूरे देश को गहरे सदमे में डाल दिया है।
इमारत गिरते ही मचा हड़कंप, राहत टीमों ने संभाला मोर्चा
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक तड़के अचानक तेज आवाज के साथ इमारत ढह गई। कुछ ही पलों में पूरा इलाका धूल के गुबार से भर गया और चारों ओर चीख पुकार मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत प्रशासन को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस, दमकल विभाग, एनडीआरएफ और एंबुलेंस की टीमें मौके पर पहुंच गईं।
अधिकारियों के अनुसार अब तक करीब 9 से 10 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है। हालांकि भारी मलबे के कारण राहतकर्मियों को अंदर तक पहुंचने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन का कहना है कि मलबा पूरी तरह हटने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि अंदर कितने लोग फंसे हुए थे।
मेडिकल करियर का सपना देख रहे छात्रों पर टूटा दुखों का पहाड़
बताया जा रहा है कि जिस इमारत में यह हादसा हुआ वहां कोचिंग संस्थान, पीजी तैयारी केंद्र, कार्यालय और अन्य व्यावसायिक गतिविधियां संचालित की जाती थीं। यहां बड़ी संख्या में फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट्स और नीट पीजी की तैयारी कर रहे छात्र नियमित रूप से आते थे।
फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट्स से जुड़े प्रतिनिधियों ने जानकारी दी कि हादसे में जान गंवाने वाले दोनों छात्र अपने मेडिकल करियर को बेहतर बनाने के लिए मेहनत कर रहे थे। उनकी मौत से छात्र समुदाय में गहरा शोक फैल गया है। घटना के बाद कई परिजन अस्पतालों और दुर्घटनास्थल के बीच अपने बच्चों की जानकारी पाने के लिए परेशान नजर आए।
घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए बनाया गया विशेष ग्रीन कॉरिडोर
हादसे के बाद घायलों को जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाने के लिए दिल्ली पुलिस ने विशेष ग्रीन कॉरिडोर की व्यवस्था की। कई घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है। चिकित्सकों के अनुसार कुछ घायलों की स्थिति गंभीर बनी हुई है।
मौके पर मौजूद अधिकारियों ने बताया कि बचाव अभियान को युद्धस्तर पर चलाया जा रहा है और प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने की है। साथ ही प्रशासन ने हादसे की वजहों का पता लगाने के लिए जांच के निर्देश भी जारी कर दिए हैं।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल, पूरे देश की नजर जांच पर
साकेत में हुई इस दुखद घटना ने एक बार फिर इमारतों की सुरक्षा, निर्माण मानकों और प्रशासनिक निगरानी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। दो होनहार मेडिकल छात्रों की असमय मौत ने पूरे देश को झकझोर दिया है।
फिलहाल कई परिवार अपने प्रियजनों की सलामती की खबर का इंतजार कर रहे हैं। राहत और बचाव कार्य पूरा होने के बाद ही इस हादसे की वास्तविक तस्वीर सामने आ सकेगी। साथ ही जांच रिपोर्ट से यह भी स्पष्ट होगा कि आखिर इस त्रासदी के पीछे कौन सी लापरवाही जिम्मेदार रही।