Nikhar Sablok Murder Case: कदमा निवासी कारोबारी निखार सबलोक की हत्या के बाद मंगलवार को उनका अंतिम संस्कार बिष्टुपुर स्थित पार्वती घाट में किया गया। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में परिजन, दोस्त और परिचित शामिल हुए। पिता संजीव सबलोक उर्फ राजा ने बेटे को मुखाग्नि दी। इस दौरान परिवार और मौजूद लोगों में गम और आक्रोश दोनों देखने को मिला।
निखार सबलोक की सोमवार को सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल थाना क्षेत्र में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद से पुलिस हत्यारों की तलाश में जुटी हुई है और मामले के विभिन्न पहलुओं की जांच की जा रही है।
जानकारी के अनुसार, निखार सोमवार को चांडिल थाना क्षेत्र के आसनबनी स्थित होटल 10th माइल्स पहुंचे थे। वह अपने दोस्तों के साथ होटल में मौजूद थे। बैठक और खाने के बाद जब वह होटल से बाहर निकल रहे थे, तभी दो हमलावरों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी।
वारदात को अंजाम देने के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए। गंभीर रूप से घायल निखार को उनके साथी तुरंत टीएमएच लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
अंतिम संस्कार से पहले हुआ पोस्टमार्टम
मंगलवार को अंतिम संस्कार से पहले निखार के शव को पोस्टमार्टम के लिए एमजीएम मेडिकल कॉलेज स्थित पोस्टमार्टम हाउस ले जाया गया। इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। बिष्टुपुर के पार्वती घाट पर अंतिम संस्कार किया गया, जहां पिता संजीव सबलोक उर्फ राजा ने मुखाग्नि दी।
निखार की अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। हत्या की घटना से परिवार के साथ-साथ परिचितों में भी गहरा शोक है।
CCTV फुटेज से हत्यारों तक पहुंचने की कोशिश
हत्या के बाद पुलिस ने होटल और आसपास के इलाकों में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में दो संदिग्ध हमलावरों के दिखाई देने की बात सामने आई है। पुलिस फुटेज के आधार पर उनकी पहचान करने और उनके ठिकानों का पता लगाने में जुटी है।
सरायकेला-खरसावां के एसपी मनोज स्वर्गियारी ने भी सोमवार शाम घटनास्थल का जायजा लिया था। घटनास्थल से कई खोखे बरामद किए गए हैं। हालांकि, बरामद खोखों की संख्या को लेकर पुलिस की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।
जमीन विवाद और गैंगवार एंगल की भी जांच
हत्या के पीछे जमीन विवाद और आपराधिक गिरोह से जुड़े संभावित एंगल की भी जांच की जा रही है। सूत्रों के अनुसार जमीन को लेकर कथित विवाद हत्या की एक वजह हो सकती है, लेकिन पुलिस ने अभी तक हत्या के कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हत्या की साजिश किसने रची, हमलावरों को किसने भेजा और निखार की गतिविधियों की जानकारी आरोपियों तक कैसे पहुंची। FIR दर्ज होने के बाद पुलिस की जांच तेज कर दी गई है और हत्यारों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर कार्रवाई की जा रही है।