Ranchi News: आजसू पार्टी के अध्यक्ष सुदेश कुमार महतो ने कहा कि झारखंड के खनिज संसाधनों से होने वाली आय का सबसे बड़ा लाभ उन लोगों को मिलना चाहिए, जो खनिज प्रभावित क्षेत्रों में रहते हैं। उन्होंने राज्य सरकार से खनिज क्षेत्रों के विकास और वहां के लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए स्पष्ट नीति बनाने की मांग की।
हरमू स्थित आजसू कार्यालय में मीडिया से बातचीत करते हुए सुदेश महतो ने कहा कि उनकी पार्टी मिनरल बेयरिंग लैंड पर सेस लगाने के राज्य सरकार के अधिकार का समर्थन करती है। हालांकि, उन्होंने कहा कि इस राशि का उपयोग केवल खनिज क्षेत्रों के विकास और वहां के निवासियों की सुविधाओं पर किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि खनिज क्षेत्रों के बच्चों को किताबें, पोशाक और छात्रवृत्ति उपलब्ध कराई जानी चाहिए। साथ ही कुपोषित बच्चों और महिलाओं के लिए पौष्टिक भोजन, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था होनी चाहिए।
DMFT फंड और बजट खर्च पर भी उठाए सवाल
आजसू अध्यक्ष ने करीब 10 हजार करोड़ रुपये के DMFT फंड के उपयोग को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने इस फंड के खर्च के लिए निर्धारित नियमों का सही तरीके से पालन नहीं किया।
सुदेश महतो ने राज्य सरकार के बजट खर्च पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में सरकार अपने कुल बजट की करीब 25 प्रतिशत राशि खर्च नहीं कर पाई। उन्होंने कहा कि जब सरकार उपलब्ध राशि का पूरी तरह उपयोग नहीं कर पा रही है, तो अतिरिक्त संसाधनों की कमी की बात उठाना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि खनिज संसाधनों से होने वाली कमाई का लाभ सबसे पहले उन क्षेत्रों तक पहुंचना चाहिए, जहां खनन का असर सीधे स्थानीय लोगों के जीवन और पर्यावरण पर पड़ता है।