Koderma News: झारखंड के कोडरमा जिले के डोमचांच प्रखंड से फूड पॉइजनिंग की आशंका वाला मामला सामने आया है. मधुवन इलाके में जंगली बांस की खुखड़ी की सब्जी खाने के बाद चार बच्चों और एक महिला की तबीयत अचानक खराब हो गई. बच्चों को इलाज के लिए कोडरमा सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
बाजार से 400 रुपये किलो खरीदी थी खुखड़ी
जानकारी के अनुसार, परिवार ने स्थानीय बाजार से प्रति किलोग्राम की कीमत पर खुखड़ी खरीदी थी. इसे घर लाकर बुधवार रात सब्जी बनाई गई और परिवार के सदस्यों ने खाना खाया. खाना खाने के कुछ ही समय बाद बच्चों और महिला को पेट में तेज दर्द होने लगा. इसके साथ ही उल्टी की शिकायत भी शुरू हो गई. बच्चों की हालत बिगड़ती देख परिजन उन्हें तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे.
चार बच्चों को सदर अस्पताल में कराया गया भर्ती
बीमार बच्चों में 16 वर्षीय मौसम कुमारी, 10 वर्षीय नैतिक कुमार, 10 वर्षीय उज्जवल कुमार और 12 वर्षीय सूरज कुमार शामिल हैं. चारों का इलाज कोडरमा सदर अस्पताल में चल रहा है. अस्पताल में डॉक्टरों की टीम बच्चों की स्थिति पर लगातार नजर रख रही है. फिलहाल सभी का उपचार चिकित्सकीय निगरानी में किया जा रहा है.
महिला का घर पर कराया गया प्राथमिक इलाज
परिजनों के मुताबिक, खुखड़ी खाने के बाद महिला को भी पेट दर्द और उल्टी की परेशानी हुई. बच्चों की स्थिति अधिक खराब होने के कारण उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जबकि महिला का प्राथमिक उपचार घर पर ही कराया गया. घटना के बाद परिवार के लोगों में चिंता का माहौल है. एक ही भोजन खाने के बाद कई लोगों की तबीयत खराब होने से स्थानीय स्तर पर भी मामले को लेकर चर्चा शुरू हो गई है.
खुखड़ी में जहरीला तत्व था या वजह कुछ और, जांच जारी
एक साथ कई लोगों के बीमार पड़ने के कारण शुरुआती तौर पर खाद्य विषाक्तता की आशंका जताई जा रही है. हालांकि, अभी यह आधिकारिक रूप से स्पष्ट नहीं हुआ है कि बीमारी की वजह खुखड़ी में मौजूद कोई जहरीला तत्व था या इसके पीछे कोई अन्य कारण रहा. फिलहाल बच्चों का इलाज जारी है और उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर नजर रखी जा रही है. घटना के वास्तविक कारण की पुष्टि मेडिकल जांच के बाद ही हो सकेगी. अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक मेडिकल रिपोर्ट या विस्तृत प्रशासनिक बयान सामने नहीं आया है.
घटना के बाद बढ़ी सतर्कता
बाजार से खरीदी गई जंगली खुखड़ी खाने के बाद एक ही परिवार के कई सदस्यों के बीमार पड़ने की घटना ने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और पहचान को लेकर भी सतर्कता बढ़ा दी है. सभी पहलुओं से जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बीमारी की वजह वास्तव में खुखड़ी थी या भोजन से जुड़ा कोई दूसरा कारण.